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अमर उजाला संवाद: सड़कों से हट जाए अतिक्रमण तो वेस्ट विनोद नगर में पहुंचेगी एंबुलेंस, लोगों बताईं परेशानियां
Mon, 02 Dec 2024 07:54 AM IST
अनुज कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी, दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 02 Dec 2024 07:54 AM IST
सार
दिल्ली के वेस्ट विनोद नगर में हुए अमर उजाला संवाद में स्थानीय लोगों ने अपनी अपनी परेशानियों को बताया। आखिर इलाके में लोगों को किन चीजों की दिक्कतों से हर दिन गुजरना पड़ता है। रेहड़ी और रिक्शे वालों से इलाके के लोग ज्यादा परेशान है।
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अमर उजाला संवाद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्वी दिल्ली के वेस्ट विनोद नगर क्षेत्र के लोग सड़कों पर अतिक्रमण से परेशान हैं। अमर उजाला संवाद में लोगों ने कहा कि ई-ब्लॉक को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले मार्ग फल-सब्जियों की रेहड़ी, खाने-पीने के स्टॉल, अव्यवस्थित तरीके से लगे रिक्शे से बाधित रहते हैं। इनमें शांति मार्ग, गुरुद्वारा रोड के लोगों ने कहा कि अगर पुलिस, विधायक या निगम पार्षद चाहे तो इस समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं, लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर सड़कें अतिक्रमण से मुक्त हो जाए तो क्षेत्र में एंबुलेंस भी आ पाएगी। आग लगने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच पाती है। स्कूली बच्चों की वैन समेत कामकाज पर आने-जाने वाले लोगों को यहां से गुजरने में आसानी होती है।
वेस्ट विनोद नगर के ई-ब्लॉक आरडब्लूए पदाधिकारियों व स्थानीय निवासियों ने शनिवार को अमर उजाला संवाद में रोजमर्रा की समस्याओं पर खुलकर बातें कीं। लोगों ने बताया क्षेत्र में कहीं भी सड़कें सही-सलामत नहीं दिखाई देती है। सीवर, महिला सुरक्षा व साफ-सफाई की स्थिति भी खराब है। लोगों का आरोप है कि सात सालों से उन्हें पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। विधायक ऑफिस जाने पर कोई सुनवाई नहीं होती।
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सीवर की समस्या के लिए उन्हें झंडेवालान स्थित दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय में शिकायत करनी पड़ती है। आरोप है कि विधायक स्तर का कार्य विधायक नहीं करते, निगम पार्षद भी अपने कार्यों से बचते हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गुरुद्वारा रोड के पास नाला खुला हुआ है। उसमें गंदा पानी भरा हुआ है, जिस पर दिन भर मच्छर भिनभिनाते रहते हैं। इससे बीमारी फैलने का खतरा रहता है। आशंका है। गौरीशंकर मंदिर के सामने चौराहे पर लगी बंचों की हालत बहुत बेकार है। इलाके की महिलाएं नशेड़ियों के कारण असुरक्षित महसूस करती हैं। इलाके में आवारा गाय जगह-जगह गंदगी कर देतीं हैं, उससे भी लोग परेशान हैं।
स्थानीय लोगों से बातचीत
कॉलोनी में गंदगी बहुत है। नौजवान बाइक बहुत तेज चलाते हैं, जिससे गली में खेल रहे बच्चों को चोट भी लग जाती है और दुर्घटनाएं भी हुई हैं, लेकिन वो अपनी गलती नहीं मानते। - पूनम तिवारी, शिक्षक
कॉलोनी को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले मार्गों पर इतनी भीड़ रहती है कि कोई अस्वस्थ व्यक्ति चल नहीं सकता। सुबह 10 बजे से रात नौ बजे तक यही हाल रहता है। अतिक्रमण ने सभी का जीना दूभर कर दिया है। ----- मुन्ना लाल, स्थानीय निवासी
शांति मार्ग का चौड़ीकरण होना चाहिए। पैदल चलने वालोें को बड़ी राहत मिल जाएगी। गली नंबर 10 में कूड़े की गाड़ी रोज नहीं आती। 10 दिन तक इंतजार करना मुश्किल है, इसलिए खुद जाकर फेंकना पड़ता है। --- विनीता, स्थानीय निवासी
आपातकालीन स्थिति हो जाने पर या आग लगने पर एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं आ सकती। रोड पर अत्यधिक अतिक्रमण है। पुलिस प्रशासन चाहे तो इससे निजात पाना मुमकिन है। ----धर्मेंदर सिंह चहल, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, ई-ब्लॉक
गौरीशंकर मंदिर के सामने चौराहे की स्थिति बहुत खराब है। वह कॉलोनी का चेहरा है। वहां बकरियां, भेड़, नशेड़ी आदि चौबीसों घंटे बैठे रहते हैं। प्रशासन तय करे कि इसका क्या करना चाहिए। हम बहुत परेशान हैं।--- दीदार सिंह, आरडब्लूए उपाध्यक्ष, ई-ब्लॉक
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स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर सड़कें अतिक्रमण से मुक्त हो जाए तो क्षेत्र में एंबुलेंस भी आ पाएगी। आग लगने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच पाती है। स्कूली बच्चों की वैन समेत कामकाज पर आने-जाने वाले लोगों को यहां से गुजरने में आसानी होती है।
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वेस्ट विनोद नगर के ई-ब्लॉक आरडब्लूए पदाधिकारियों व स्थानीय निवासियों ने शनिवार को अमर उजाला संवाद में रोजमर्रा की समस्याओं पर खुलकर बातें कीं। लोगों ने बताया क्षेत्र में कहीं भी सड़कें सही-सलामत नहीं दिखाई देती है। सीवर, महिला सुरक्षा व साफ-सफाई की स्थिति भी खराब है। लोगों का आरोप है कि सात सालों से उन्हें पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। विधायक ऑफिस जाने पर कोई सुनवाई नहीं होती।
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सीवर की समस्या के लिए उन्हें झंडेवालान स्थित दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय में शिकायत करनी पड़ती है। आरोप है कि विधायक स्तर का कार्य विधायक नहीं करते, निगम पार्षद भी अपने कार्यों से बचते हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गुरुद्वारा रोड के पास नाला खुला हुआ है। उसमें गंदा पानी भरा हुआ है, जिस पर दिन भर मच्छर भिनभिनाते रहते हैं। इससे बीमारी फैलने का खतरा रहता है। आशंका है। गौरीशंकर मंदिर के सामने चौराहे पर लगी बंचों की हालत बहुत बेकार है। इलाके की महिलाएं नशेड़ियों के कारण असुरक्षित महसूस करती हैं। इलाके में आवारा गाय जगह-जगह गंदगी कर देतीं हैं, उससे भी लोग परेशान हैं।
स्थानीय लोगों से बातचीत
कॉलोनी में गंदगी बहुत है। नौजवान बाइक बहुत तेज चलाते हैं, जिससे गली में खेल रहे बच्चों को चोट भी लग जाती है और दुर्घटनाएं भी हुई हैं, लेकिन वो अपनी गलती नहीं मानते। - पूनम तिवारी, शिक्षक
कॉलोनी को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले मार्गों पर इतनी भीड़ रहती है कि कोई अस्वस्थ व्यक्ति चल नहीं सकता। सुबह 10 बजे से रात नौ बजे तक यही हाल रहता है। अतिक्रमण ने सभी का जीना दूभर कर दिया है। ----- मुन्ना लाल, स्थानीय निवासी
शांति मार्ग का चौड़ीकरण होना चाहिए। पैदल चलने वालोें को बड़ी राहत मिल जाएगी। गली नंबर 10 में कूड़े की गाड़ी रोज नहीं आती। 10 दिन तक इंतजार करना मुश्किल है, इसलिए खुद जाकर फेंकना पड़ता है। --- विनीता, स्थानीय निवासी
आपातकालीन स्थिति हो जाने पर या आग लगने पर एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं आ सकती। रोड पर अत्यधिक अतिक्रमण है। पुलिस प्रशासन चाहे तो इससे निजात पाना मुमकिन है। ----धर्मेंदर सिंह चहल, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, ई-ब्लॉक
गौरीशंकर मंदिर के सामने चौराहे की स्थिति बहुत खराब है। वह कॉलोनी का चेहरा है। वहां बकरियां, भेड़, नशेड़ी आदि चौबीसों घंटे बैठे रहते हैं। प्रशासन तय करे कि इसका क्या करना चाहिए। हम बहुत परेशान हैं।--- दीदार सिंह, आरडब्लूए उपाध्यक्ष, ई-ब्लॉक