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अमर उजाला की खबर का असरः स्वास्थ्य विभाग ने लिया संज्ञान,16 दिन से रुका ड्राफ्ट सार्वजनिक

Sat, 16 Jun 2018 02:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 16 Jun 2018 02:47 PM IST
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amar ujala impact: health department took cognizance now draft on hold for 16 days made public
मेडिकल कॉलेजों - फोटो : amar ujala

निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाने वाला 16 दिन से रुका ड्राफ्ट ‘अमर उजाला’ में खबर छपने के बाद सार्वजनिक कर दिया गया है। 28 मई को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दवाइयों से लेकर उपचार तक की कीमतों पर नियंत्रण के लिए नए नियम साझे किए थे।

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उन्होंने उसी दिन आपत्तियां एवं सुझाव मांगने के लिए ड्राफ्ट को सार्वजनिक करने की भी बात कही थी। स्वास्थ्य विभाग ने इसे ठंडे बस्ते में रखा, जबकि दिल्ली की जनता नए नियम जल्द लागू होने की उम्मीद लगा रही थी।
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‘अमर उजाला’ ने 14 जून के अंक में ‘निजी अस्पतालों की मनमानी रोकने वाला ड्राफ्ट ही रुका’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लेते हुए ड्राफ्ट को सार्वजनिक करने का फैसला लिया। शुक्रवार सुबह ही इसे विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया।
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बता दें कि दिल्ली सरकार राजधानी के निजी अस्पतालों में दवाओं से लेकर मेडिकल जांच तक को मूल्य नियंत्रण के दायरे में लाना चाहती है। इसलिए सरकार ने नियमों में फेरबदल कर नया ड्राफ्ट तैयार भी किया है।

नियमों के तहत कानून लागू करने से पहले इस पर आपत्तियां एवं सुझाव लेना जरूरी है। इसी क्रम में 28 मई को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि इस ड्राफ्ट को आज से ही आपत्तियों एवं सुझाव के लिए अपलोड कर दिया जाएगा।

निजी अस्पताल 16 दिन से ड्राफ्ट का कानूनी तौर पर जवाब देने का इंतजार कर रहे थे। उनका कहना है कि मनमानी वे नहीं, बल्कि सरकार कर रही है। चंद डॉक्टरों की कमेटी बनाकर अस्पताल पर फैसला लेना गलत है।

जिस कमेटी की रिपोर्ट पर ड्राफ्ट तैयार किया गया है, दरअसल उसमें एक भी प्रतिनिधि दिल्ली के अस्पताल संचालकों का नहीं था। इसी के चलते सरकार के इस ड्राफ्ट को लेकर विवाद खड़ा हुआ है।


अब जुलाई अंत में ही हो सकेगा लागू
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 14 जुलाई तक ड्राफ्ट पर लोगों, संस्था और संगठन से आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद इन प्रतिक्रियाओं पर चर्चा होगी और उन्हें ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा। इसके बाद ही मूल्य नियंत्रण के नियम लागू होंगे। सूत्रों का कहना है कि अब तक ये कानून एक जुलाई तक लागू करने की योजना थी, लेकिन लेटलतीफी होने के कारण यह जुलाई अंत तक ही लागू हो पाएगा।

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