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Satta Ka Sangram: पेपर लीक एक बड़ी चुनौती, सरकार इस पर ध्यान दे; युवाओं ने अन्य मुद्दों पर भी रखी अपनी बातें

Tue, 14 May 2024 02:13 PM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 14 May 2024 02:13 PM IST
सार

Lok Sabha 2024: उत्तर पूर्वी दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक जिला है। 2019 में यहां से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार मनोज तिवारी ने जीत दर्ज की थी। इस बार भी भाजपा ने मनोज तिवारी पर ही भरोसा जताया है। वहीं, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में कन्हैया कुमार मैदान में हैं।

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Amar Ujala election chariot Satta Ka Sangram interacted with youth in Mukherjee Nagar
दिल्ली में युवाओं से संवाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ देश की राजधानी दिल्ली में है। कार्यक्रम के तहत हमारी टीम दिल्ली की उत्तर पूर्वी लोकसभा क्षेत्र में पहुची है। दोपहर एक बजे मुखर्जी नगर में युवाओं से संवाद किया। यहां लोकसभा चुनाव से संबंधित मुद्दों को लेकर युवाओं से चर्चा की। 

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2019 में यहां से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार मनोज तिवारी ने जीत दर्ज की थी। इस बार भी भाजपा ने मनोज तिवारी पर ही भरोसा जताया है। वहीं, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में कन्हैया कुमार मैदान में हैं।
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मुखर्जी नगर में युवाओं से संवाद के दौरान एक छात्र ने बताया कि इतने सालों में शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव आया है। लेकिन बेरोजगारी एक मुद्दा है। हम लोग गांव से आते हैं पढ़ाई के लिए। इसके बाद पढ़ाई करते हैं। लेकिन इस बीच में कई चुनौतियां होती हैं।


वहीं दूसरे छात्र संजीव से पूछा गया कि क्या क्या चुनौतियां हैं तो उन्होंने बताया कि सरकारें वादे तो करती हैं लेकिन पूरा नहीं करती हैं। युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती पेपर लीक होना है। सालों साल छात्र तैयार करते हैं। लेकिन पेपर लीक हो जाता है। इस व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए और भी कई छात्रों के लिए चुनौतियां हैं।

मौ. रजी आलम ने बताया कि अभी लोकसभा चुनाव चल रहे हैं और चौथे चरण का चुनाव हो चुका है। सरकारों को जमीन स्तर पर योजनाओं को लेकर हकीकत को टटोलना चाहिए। जैसे फ्री अनाज, पीएम आवास योजना में घपला हो जाता है। डीलर अनाज कम देता है और गांव का मुखिया अपने करीबी को पीएम आवास दिला देते हैं। ऐसे में सरकार को जमीनी स्तर पर जांच करनी चाहिए कि जो योजना हमने लागू की है वह पूरी तरह से गरीब लोगों तक पहुंची है या नहीं। 

 

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