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छात्राओं की ‘कल्पना’ को उड़ान देकर अपराजिता बना रहीं कथक गुरु
Wed, 30 Dec 2020 11:18 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 30 Dec 2020 11:18 AM IST
सार
- ‘अमर उजाला’ के अभियान के तहत छात्राओं को दे रहीं प्रशिक्षण
- रिक्शा चालक, सफाईकर्मी और घरेलू सहायिकाओं की बेटियों को निशुल्क नृत्य सिखाया, डिग्री भी दी
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कथक गुरु कल्पना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नोएडा सेक्टर-11 स्थित कल्पना कला केंद्र में अमर उजाला अपराजिता अभियान के तहत डॉक्टर कल्पना भूषण की अगुवाई में बच्चों को कथक, कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम और वेस्टर्न डांस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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भारत की टॉप दस नृत्यांगनाओं में शुमार डॉ. कल्पना को बचपन से ही पारिवारिक प्रतिष्ठा और सामाजिक रिवाजों से जुड़ी कई बंदिशों का सामना करना पड़ा। उनके लिए नृत्यांगना बनने का सपना पूरा करना आसान नहीं था।
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डॉक्टरेट की पढ़ाई के साथ ही उन्होंने कथक, कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम और वेस्टर्न डांस में महारत हासिल की। साथ ही राजीव गांधी पुरस्कार, वुमन एंटरप्रेन्योर और वुमेन लीडर जैसे कई पुरस्कार अपने नाम किया। 1977 में उन्होंने कल्पना कला केंद्र शुरू किया।
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अब यहां देश-विदेश के बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं। वह समाज के लिए कुछ कर गुजरने के जुनून की वजह से हमेशा लोगों की मदद को आगे रहती हैं। वह अपराजिता अभियान के तहत 25 जनवरी तक बच्चों को प्रशिक्षण दे रही हैं। उन्होंने अमर उजाला के प्रयासों की जमकर सराहना की।
उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से बच्चियों का मनोबल बढ़ेगा और वह समाज के लिए मिसाल बन सकेंगी। इसी क्रम में 26 जनवरी को होने वाले जगाओ अपनी देशभक्ति कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
विजेताओं को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। वहीं, कल्पना ने आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों की मदद के लिए भी अपनी कला का सहारा लिया। उन्होंने केंद्र में रिक्शा चालक, घरेलू सहायिकाओं, सफाई कर्मियों की बेटियों को निशुल्क नृत्य सिखाया है। उनकी संस्था प्रयाग संगीत समिति से छात्राओं को डिग्री प्रदान है। उनकी पढ़ाई गई कई छात्राएं विभिन्न जगहों पर कार्यरत हैं।