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Delhi NCR News: डीटीपी विभाग पर एकतरफा कार्रवाई और भ्रष्टाचार के आरोप, अधिवक्ता ने की जांच की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। नूंह जिले में अवैध निर्माणों पर की जा रही कार्रवाई को लेकर एक बार फिर जिला नगर योजनाकार विभाग विवादों में है। तावडू उपमंडल के गांव डिढारा निवासी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता हाशम खान ने डीटीपी विभाग के अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग, कथित भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी तथा चुनिंदा लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम विंडो समेत विभिन्न उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा पहले संबंधित भूमि और निर्माणों को लेकर नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन बाद में कार्रवाई केवल कुछ चुनिंदा लोगों के निर्माणों पर ही की गई, जबकि उसी क्षेत्र और उसी राजस्व रकबे में अन्य कई निर्माण भी मौजूद हैं। उनका कहना है कि विभाग ने उनकी संपत्ति पर की गई डीपीसी और निर्माण को ध्वस्त कर दिया, जबकि आसपास के अन्य निर्माणों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई नियमों के बजाय मनमाने और पक्षपातपूर्ण तरीके से की गई। शिकायत में डीटीपी और विभागीय अभियंता पर रिश्वत मांगने तथा रिश्वत नहीं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। साथ ही दावा किया गया है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां, फार्म हाउस और निर्माण मौजूद हैं, लेकिन उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विभाग की कार्रवाई में पारदर्शिता और समानता का अभाव है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। वही इस बारे में डीटीपी बिनेश कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनी को जिले में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह कोई भी हो ,विभाग की ओर से अवैध निर्माण पर समय समय पर कार्रवाई की जाती है और यह आगे भी जारी रहेगी। बता दें कि हाल ही में तावडू क्षेत्र के गांव डिढारा और निजामपुर में अवैध निर्माणों के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान चलाया गया था। इसी कार्रवाई को लेकर प्रभावित लोगों ने विभाग पर एकतरफा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
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तावड़ू। नूंह जिले में अवैध निर्माणों पर की जा रही कार्रवाई को लेकर एक बार फिर जिला नगर योजनाकार विभाग विवादों में है। तावडू उपमंडल के गांव डिढारा निवासी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता हाशम खान ने डीटीपी विभाग के अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग, कथित भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी तथा चुनिंदा लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम विंडो समेत विभिन्न उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा पहले संबंधित भूमि और निर्माणों को लेकर नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन बाद में कार्रवाई केवल कुछ चुनिंदा लोगों के निर्माणों पर ही की गई, जबकि उसी क्षेत्र और उसी राजस्व रकबे में अन्य कई निर्माण भी मौजूद हैं। उनका कहना है कि विभाग ने उनकी संपत्ति पर की गई डीपीसी और निर्माण को ध्वस्त कर दिया, जबकि आसपास के अन्य निर्माणों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई नियमों के बजाय मनमाने और पक्षपातपूर्ण तरीके से की गई। शिकायत में डीटीपी और विभागीय अभियंता पर रिश्वत मांगने तथा रिश्वत नहीं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। साथ ही दावा किया गया है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां, फार्म हाउस और निर्माण मौजूद हैं, लेकिन उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विभाग की कार्रवाई में पारदर्शिता और समानता का अभाव है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। वही इस बारे में डीटीपी बिनेश कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनी को जिले में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह कोई भी हो ,विभाग की ओर से अवैध निर्माण पर समय समय पर कार्रवाई की जाती है और यह आगे भी जारी रहेगी। बता दें कि हाल ही में तावडू क्षेत्र के गांव डिढारा और निजामपुर में अवैध निर्माणों के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान चलाया गया था। इसी कार्रवाई को लेकर प्रभावित लोगों ने विभाग पर एकतरफा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
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