विधायक से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक सब हैं वीआईपी नंबरों के मुरीद, मुफ्त में उठाया बड़ा फायदा
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आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों को भी वीआईपी नंबर वाली कार की सवारी पसंद आने लगी है। पॉलिसी में विधायक, सांसद समेत कई वर्ग के राजनेताओं को फ्री में वीआईपी नंबर दिए जाने की व्यवस्था है।
आप विधायकों की दिलचस्पी 0001 और 0007 नंबर में ज्यादा दिख रही है। भाजपा के दिल्ली से दो विधायक समेत सांसद व केन्द्रीय मंत्री भी फ्री वीआईपी नंबर लेने में पीछे नहीं हैं।दीवानगी का अंदाजा इससे भी लगा सकते हैं कि उत्तम नगर से विधायक नरेश बाल्यान ने कार्यकाल के पहले डेढ़ साल में ही कोटे की दो कार पर 0001 नंबर लिया है।
सूत्रों के अनुसार, नई पॉलिसी की शुरुआत जून 2014 से मार्च 2016 तक में जो फ्री 199 वीआईपी नंबर दिए गए हैं, उसमें आप विधायकों समेत नेताओं के 61 वाहन हैं। फ्री नंबर लेने वालों में दिल्ली से भाजपा के विधायक जगदीश प्रधान और ओपी शर्मा, महापौर व केन्द्रीय नेताओं समेत करीब तीन दर्जन नेता शामिल हैं। दूसरे नंबर पर एक दर्जन आम आदमी पार्टी के विधायकों का है। भाजपा के दोनों विधायकों ने भी 0001 नंबर लिया है। दूसरे आप नेताओं की भी पहली पसंद 0001 नंबर ही है।
इन्होंने लिया फ्री वीआईपी नंबर का फायदा
सूत्र बताते हैं कि विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल समेत एक दर्जन से अधिक विधायकों ने पॉलिसी में मिलने वाले फ्री वीआईपी नंबर का फायदा लिया है। मुख्यमंत्री व मंत्रियों के पास पहले ही वीआईपी नंबर वाली कारें हैं।
आप एमएलए करतार सिंह और सही राम को 0007 नंबर की कार सवारी पसंद आई है। आप विधायक प्रकाश जरवाल, सुखबीर सिंह दलाल, ऋतुराज गोविंद, श्रीदत्त शर्मा को भी 0001 नंबर ही पसंद आई है।
इंडियन नेशनल कांग्रेस के पांच, लोक जनशक्ति पार्टी के तीन, बिजू जनता दल, टीडीपी नेताओं ने दो-दो, एआईटीसी, बीएसपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने एक-एक फ्री वीआईपी नंबर लिया है।
नीलामी से सरकार को मिली बड़ी राशि
एक कार्यकाल में अधिसूचित जनप्रतिनिधि दो वीआईपी नंबर फ्री ले सकते हैं। कोटे में मिले वीआईपी नंबर वाली कार 5 साल तक विधायक, सांसद या जनप्रतिनिधि नहीं बेच सकता।
बेचने की स्थिति में नंबर की आरक्षित नीलामी राशि विभाग में जमा करानी होगी।
वीआईपी नंबर पॉलिसी में 0001 नंबर की नीलामी 5 लाख रुपये, बाकी एक सिंगल डिजिट नंबर की 3 लाख रुपये, दो अंक वाले नंबर दो लाख रुपये, एक जैसे चार या तीन अंक की नीलामी एक लाख रुपये से शुरू होती है।
वीपीआईपी नंबर से अलग कोई पसंदीदा नंबर लेने के लिए नीलामी 20 हजार रुपये से शुरू होती है। इसमें सरकार को कई नीलामी में बड़ी राशि मिली है। नीलामी में कुल 140 नंबर डाले जाते हैं।