मातम में बदली शादी की खुशियां: बरात में शामिल होने गए थे चारों, कार और बस की भिड़ंत में हुई मौत
रविवार को मोहल्ले में नाजिम नामक युवक की बरात चंडीगढ़ गई थी। दो बसों और दो कारों में बराती दुल्हन लेने गए थे। दूल्हे नाजिम का छोटा भाई अपने दूसरे रिश्तेदार युवकों के साथ कार से वापस लौट रहा था, लेकिन सोनीपत, नेशनल हाइवे-44 पर लड़सौली गांव के पास पंजाब रोडवेज की बस ने इनकी कार में टक्कर मार दी।
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दिल्ली के नंद नगरी ई-ब्लॉक में सोमवार कोहराम मचा हुआ था। एक साथ चार युवकों की मौत की खबर के बाद पूरे मोहल्ले में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी थी। लोगों की जुबान पर बस हादसे की बातें और लड़कों का जिक्र था। किसी का भाई चला गया था तो किसी ने अपना पिता व बेटा खोया था। ई-ब्लॉक में इन लड़कों के घरों से परिजनों के रोने की आवाजें आ रही थीं।
दरअसल रविवार को मोहल्ले में नाजिम नामक युवक की बरात चंडीगढ़ गई थी। दो बसों और दो कारों में बराती दुल्हन लेने गए थे। दूल्हे नाजिम का छोटा भाई अपने दूसरे रिश्तेदार युवकों के साथ कार से वापस लौट रहा था, लेकिन सोनीपत, नेशनल हाइवे-44 पर लड़सौली गांव के पास पंजाब रोडवेज की बस ने इनकी कार में टक्कर मार दी। हादसे में दूल्हे के भाई आजम (24), रिश्तेदार मो.नदीम (23), मो. जैद उर्फ फैजल (26) और मो. जाकिर (26) की मौत हो गई, जबकि आजम का सगा चचेरा भाई दिलशाद गंभीर रूप से जख्मी हो गया। वह अस्पताल में जिंदगी के लिए जंग लड़ रहा है। परिजन उसकी जिंदगी के लिए दुआएं कर रहे हैं।
एक रिश्तेदार कासिम ने बताया कि चारों युवक नंदनगरी ई-ब्लॉक में आसपास रहते हैं। रविवार को नाजिम की बरात जानी थी। रविवार सुबह 7.00 बजे दो बसों में बराती निकल गए थे। इनके साथ दूल्हे की अलग कार भी निकल गई थी। करीब 10.30 बजे जैद उर्फ फैजल अपनी क्विड कार लेकर आजम, जाकिर, दिलशाद और नदीम को लेकर निकला था। देर रात 1.30 बजे इनको हादसे की सूचना मिली। कासिम ने बताया कि आजम के परिवार में इसके दो बड़े भाई नासिर और नाजिम के अलावा तीन शादीशुदा बहनें हैं। माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। आजम विश्वास नगर इलाके में ग्रीस की फैक्टरी में काम करता था। इसके ही बड़े भाई की बरात गई थी।
वहीं नदीम परिवार के साथ ई-ब्लॉक में रहता है। इसके परिवार में पिता सलीम अली, मां नाजमा और दो बड़े भाई हैं। नदीम घर के पास ही परचून की दुकान चलाता था। वहीं जैद उर्फ फैजल के परिवार में पिता शौकीन अली, मां रेशमा, दो भाई, पत्नी और दो बच्चे हैं। इसका एरिया में स्क्रेप का कारोबार था। वहीं मो. जाकिर के परिवार में पिता अंसार अहमद, मां फूल जहां और दो बहनें हैं। चारों युवक दूर की रिश्तेदारी में ममेरे, फुफेरे भाई लगते थे। सोमवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव दिल्ली स्थित इनके घर पहुंचे। बाद में औपचारिताएं पूरी करने के बाद इन सभी के शवों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।