दिल्ली-एनसीआरः घने कोहरे के कारण दो घंटे तक उड़ान नहीं भर सके विमान, सड़क-रेल यातायात भी प्रभावित
राष्ट्रीय राजधानी में घने कोहरे की चादर छाई रहने की वजह से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बृहस्पतिवार को विमानों का परिचालन दो घंटे तक बाधित रहा। एक सूत्र के मुताबिक दृश्यता कम होने की वजह से विमानों को सुबह साढ़े सात बजे से सुबह साढ़े नौ बजे तक प्रस्थान नहीं करने दिया गया।
सूत्र ने कहा, “कोहरे के कारण कम दृश्यता होने के चलते सुबह साढ़े सात बजे से साढ़े नौ बजे तक प्रस्थान रोका गया। दो घंटे की इस अवधि में विमानों का आगमन सामान्य रहा। दृश्यता बेहतर होने के बाद सुबह करीब साढ़े नौ बजे विमानों का प्रस्थान शुरू हुआ।”
विमानों को उड़ान भरने के लिए कम से कम 125 मीटर की दूरी की दृश्यता की जरूरत होती है। सूत्र ने बताया, “सुबह साढ़े सात बजे से साढ़े नौ बजे के बीच दिल्ली हवाईअड्डे से कुल आठ विमानों का मार्ग बदला गया।” पालम वेधशाला ने सुबह साढ़े आठ बजे 50 मीटर की दृश्यता दर्ज की जबकि सफदरजंग वेधशाला ने 350 मीटर दृश्यता दर्ज की।
Three flights have been diverted from Delhi's Indira Gandhi International airport due to bad weather/fog conditions https://t.co/HiY7daGhw9
— ANI (@ANI) January 3, 2019
दिल्ली में कोहरे से 22 सालों में सर्वाधिक राहत वाला महीना रहा दिसंबर 2018
मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर 2018 पिछले 50 साल के दौरान दिल्ली में तीसरा सबसे सर्द महीना रहा, साथ ही पिछले सालों में कोहरे के लिहाज से राष्ट्रीय राजधानी के लिये दिसंबर सबसे राहत वाला महीना साबित हुआ।
विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार पालम स्थित इंदिरा गांधी हवाईअड्डे पर कोहरे के आंकड़ों के मुताबिक बीते दिसंबर में दृश्यता का औसत स्तर लगभग 1000 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 22 साल में कोहरे के लिहाज से यह सबसे साफ महीना रहा। इस महीने में घने कोहरे की अवधि मात्र 145 घंटे दर्ज की गयी। यह दिसंबर में कोहरे की सामान्य अवधि 300 घंटे से काफी कम है।
इतना ही नहीं दिसंबर 2018 में सिर्फ दो रातें ऐसी दर्ज की गयी जबकि कोहरे की अवधि नौ घंटे रही। सामान्य तौर पर दिसंबर में नौ घंटे से अधिक कोहरे वाली रातों की संख्या नौ रहती है। न्यूनतम तापमान के मामले में भी दिसंबर 2018 सबसे सर्द रहा। गुजरे साल के आखिरी महीने में औसत तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिल्ली में दिसंबर के दौरान पिछले 50 सालों में सबसे ज्यादा सर्दी 1996 में दर्ज की गयी जब महीने का औसत तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं दिसंबर 2005 में औसत तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
विभाग के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में दिसंबर 2018 में 26 दिन ऐसे रहे जिनमें न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर से 1.6 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा। इस महीने में सबसे कम तापमान 29 दिसंबर को 2.6 डिग्री सेल्सियस रहा। यह पिछले 50 सालों में चौथा सबसे सर्द दिन था।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में अब तक का सबसे सर्द दिन 27 दिसंबर 1930 था जब न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस हो गया था। दिसंबर 2018 में 14 रातों का न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस से कम और आठ रातों का न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस से कम रहा। दिसंबर 2018 में हालांकि अधिकतम औसत तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य है।