दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से अजय माकन के इस्तीफे को कांग्रेस ने बताया गलत
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन के इस्तीफे की खबर का कांग्रेस ने खंडन किया है। पार्टी ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने इस्तीफा नहीं दिया है। उनकी कुछ स्वास्थ्य समस्याएं हैं और चेक-अप के लिए विदेश गए हैं। वह जल्द ही वापस आ जाएंगे। उन्होंने हाल ही में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको से मुकलात की थी।
इस मामले में दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको ने बताया कि, अजय माकन की कुछ स्वास्थ्य समस्या है और मेडिकल चेकअप के लिए विदेश गए हैं। वह अगले हफ्ते वापस आ जाएंगे। हां ये अलग बात है कि वे थोड़ा चिंतित हैं और पार्टी को पूरा समय नहीं दे सकते हैं। उनकी वापसी पर, हम काम करने की व्यवस्था पर चर्चा करेंगे लेकिन अभी महत्वपूर्म तथ्य यह है कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है।
Ajay Maken has some health problem&has gone for medical checkup.He'll be back next week&probably he's little worried that he can't devote full time or travel the way he wants.On his return,we'll discuss working arrangements but the fact is he has not resigned: PC Chacko, Congress pic.twitter.com/JfBCaP4mPz
— ANI (@ANI) September 18, 2018
इससे पहले सूत्रों के हवाले से खबर आई कि, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से वरिष्ठ नेता अजय माकन ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को भेज दिया है। हालांकि अभी इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है। इस्तीफे के पीछे उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। बताया जा रहा कि इस्तीफा देने के बाद इलाज के लिए माकन विदेश रवाना हो गए। माकन के 21 सितंबर तक वापस दिल्ली लौटने की संभावना है।
दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको से माकन ने उन्हें जल्द प्रभावमुक्त करने की गुजारिश की है। ऐसे में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस पद को लेकर संशय बना हुआ है। गौरतलब है कि शीला दीक्षित पहले से ही बीमार चल रही हैं। ऐसे में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले शीला और माकन का बीमार होना दिल्ली में कांग्रेस के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है। माकन के करीबी सूत्रों ने बताया कि उन्होंने बीते 13 सितंबर को अपना इस्तीफा पहले पीसी चाको को सौंपा और फिर 14 सितंबर को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इस्तीफे में माकन ने अपने खराब स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा कि, मैं दिल्ली में गरीबों की लड़ाई पूरी मुस्तैदी से नहीं लड़ पा रहा हूं। मैं पार्टी में बना रहूंगा लेकिन फिलहाल मुझे आराम की आवश्यकता है।
बता दें कि, दिल्ली नगर निगम के बीते चुनावों में कांग्रेस के तीसरे नंबर पर आने से परेशान होकर पहले भी माकन पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं। कुछ दिन पहले भी दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव के नतीजे आने के बाद अजय माकन ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा था। उन्होंने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी को वोट कटवा पार्टी कहा था।
उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में यह बात साबित हो गई की छात्र इकाई सीवाईएसएस (छात्र युवा संघर्ष समिति) को 13,781 वोट मिले हैं, जबकि नोटा के हिस्से में 15083 वोट आए हैं। केजरीवाल को इसका जवाब देना चाहिये। माकन ने कहा कि सीवाईएसएस का डीयू इलेक्शन में यह हाल केजरीवाल की लगातार गिरती लोकप्रियता का परिणाम है। चुनाव से एक सप्ताह पहले ही सीवाईएसएस की इकाई का गठन किया गया था। ये बातें इसका सबूत है कि केजरीवाल ने सीवाईएसएस का गठन एनएसयूआई को नुकसान पहुंचाने के लिए ही किया था।