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दिल्ली की फिजाओं में फिर घुलने लगा जहर, प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र को लिखा पत्र

Sat, 06 Oct 2018 05:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 06 Oct 2018 05:32 AM IST
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Air quality reached poor quality in Delhi, Air Index Quality recorded 259 on Friday evening

हवा की दिशा बदलने से दिल्ली में शुक्रवार को वायु की गुणवत्ता ‘खराब श्रेणी’ में पहुंच गई। अधिकारियों ने बताया कि अब हवाएं प्रदूषित भारत के गांगेय मैदानी इलाकों से चलनी शुरू हो गई है।

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एयर इंडेक्स क्वालिटी (एक्यूआई) शुक्रवार शाम चार बजे 259 दर्ज की गई, जो खराब श्रेणी में आती है। इससे पहले मंगलवार को यह खराब से मध्यम श्रेणी के बीच दर्ज की गई थी। 
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शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा समझा जाता है। 51-100 को संतोषजनक, 101-200 को मध्यम, 201-300 को खराब, 301-400 बेहद खराब और 401-500 को गंभीर समझा जाता है।

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पड़ोसी राज्यों के सीएम की बुलाई जाए बैठक, कार्ययोजना की हो समीक्षा      

Air quality reached poor quality in Delhi, Air Index Quality recorded 259 on Friday evening

दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन को पत्र लिखकर दिल्ली के आसपास के राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने की मांग की है। पर्यावरण मंत्री का कहना है कि सर्दियों में दिल्ली की आबोहवा साफ-सुथरा रखने के लिए अभी से तैयारी करनी होगी। इसके लिए सभी राज्यों की एकसमान कार्ययोजना जरूरी है। 

इमरान हुसैन ने पिछले महीने लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए कहा कि अक्तूबर व नवंबर में दिल्ली की आबोहवा खराब हो जाती है। हवा में धूल के महीन कणों की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इससे कई बार सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। इसी दौरान पड़ोसी राज्यों में पुआल भी जलाया जाता है, जिसका असर दिल्ली की आबोहवा पर पड़ता है। 

इमरान हुसैन के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने अपने स्तर पर प्रदूषण को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। बावजूद इसके हालात में बहुत अधिक सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में केंद्र सरकार को इस मामले में दखल देना चाहिए। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान की प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों से फसल को जलाने पर रोक लगाने के लिए कारगर कदम केंद्र को उठाना चाहिए। इसके अलावा इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक भी बुलाई जाए। इसमें प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनाई गई योजनाओं की समीक्षा हो और इस दिशा में सभी राज्य सरकारें एकीकृत योजना पर काम करें। जिससे दिल्ली को प्रदूषण के खतरे से बचाया जा सके। 

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