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Delhi: एक्यूआई 450 के ऊपर तो बीएस-4 गाड़ियों पर प्रतिबंध, सीएक्यूएम ने तैयार की नई नीति

Thu, 14 Jul 2022 06:59 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Thu, 14 Jul 2022 06:59 AM IST
सार

नीति में कहा गया है कि जब प्रदूषण का स्तर स्टेज थ्री (गंभीर) श्रेणी में पहुंच जाएगा, तब राज्य सरकारें दिल्ली व एनसीआर में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाली चार पहिया गाड़ियों पर प्रतिबंध का प्रावधान है।

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Air Quality Management Commission prepared new policy for clean air in Delhi-NCR
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली-एनसीआर में साफ हवा के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने नई नीति तैयार की है। इसके तहत अगर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का पैमाना 450 अंक से ऊपर चला जाता है तो ऐसे में बीएस-4 वाली चार पहिया डीजल गाड़ियों को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। यह प्रतिबंध दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर में भी लागू होगा। हालांकि, इसमें आवश्यक सेवाओं वाली गाड़ियों को छूट दी गई है।

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नीति में कहा गया है कि जब प्रदूषण का स्तर स्टेज थ्री (गंभीर) श्रेणी में पहुंच जाएगा, तब राज्य सरकारें दिल्ली व एनसीआर में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाली चार पहिया गाड़ियों पर प्रतिबंध का प्रावधान है। इसके अलावा स्टेज फोर (अति गंभीर) श्रेणी हो जाने पर दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध और डीजल से चलने वाले मध्यम माल वाहनों पर प्रतिबंध शामिल हैं। हालांकि, इस दौरान आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों पर छूट जारी रहेगी।

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रिमोट सेंसिंग से होगी एनसीआर में  वाहनों के प्रदूषण उत्सर्जन की निगरानी 
देश में कण प्रदूषण के मामले में वाहन का योगदान दूसरे स्थान पर है। ऐसे में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए रिमोट सेंसिंग से गाड़ियों की निगरानी करने की योजना लेकर आया है। इसके जरिए गाड़ी से निकलने वाले उत्सर्जन को दूर से मापा जा सकेगा। वहीं एनसीआर में वैध प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट (पीयूसी) को 100 प्रतिशत तक लागू करना और पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना जैसी नीतियां भी शामिल हैं।

नीति में कहा गया है कि एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में परीक्षण सुविधाओं की कमी के कारण केंद्रीय मोटर वाहन नियम (सीएमवीआर) के तहत फिटनेस परीक्षण मैन्युअल किए जाते हैं। इस क्षेत्र के लिए अधिक पूर्ण स्वचालित, उच्च क्षमता वाले केंद्रीकृत परीक्षण केंद्र स्थापित करने की जरूरत है। एनसीआर और हाईवे पर सीएनजी व एलएनजी ईंधन नेटवर्क के लिए योजना विकसित करने की आवश्यकता है। इससे लंबी दूरी के ट्रक और अन्य वाणिज्यिक वाहनों को गैस स्थानांतरित किया जा सकेगा। इसके अलावा जैसे दिल्ली सरकार ने निजी कंपनी के साथ मिलकर स्क्रैप केंद्र स्थापित किए हैं, वैसे ही केंद्र एनसीआर में व्यापक स्तर पर खोलने की जरूरत है। वहीं डीजल से चलने वाले ऑटोरिक्शा को चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जाना चाहिए।

किस चरण में क्या रहेंगे बंद 
-नीति के तहत खराब एक्यूआई में होटल व रेस्तरां में पकने वाले तंदूर में कोयले के प्रयोग व लकड़ी जलाने पर रोक रहेगी। हालांकि, डीजल जनरेटर सेट पर छूट रहेगी। 
-जब एक्यूआई का स्तर अति खराब में पहुंचता है तो स्टेज वन के साथ डीजल जनरेटर सेट पर भी  प्रतिबंध रहेगा। 
-गंभीर की श्रेणी में आवश्यक परियोजनाओं (रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे, आईएसबीटी ) को छोड़कर एनसीआर में निर्माण व विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध लागू करना होगा। साथ ही ईंट भट्ठो, स्टोन क्रशर व खनन संबंधित गतिविधियों पर रोक लगेगी। दिल्ली-एनसीआर में राज्य सरकारें बीएस थ्री पेट्रोल और बीएस फोर डीजल पर रोक लगा सकती है। 
-अति गंभीर या आपातकालीन श्रेणी   में पहुंचने पर उपायों के तहत दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध, पंजीकृत डीजल से चलने वाले मध्यम माल वाहनों व भारी माल वाहनों के चलने पर प्रतिबंध शामिल है।

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