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Delhi Pollution: दिल्ली में प्रदूषण का कहर जारी, बहुत खराब हुई हवा, आईटीओ और यमुना घाट पर बिछी स्मॉग की चादर
Thu, 19 Nov 2020 12:44 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 19 Nov 2020 12:44 PM IST
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आईटीओ और यमुना घाट का नजारा
- फोटो : एएनआई
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Air Pollution in Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज सुबह धुंध की एक परत आसमान में छाई है। गुरुवार की सुबह आईटीओ और यमुना घाट के पास स्मॉग की चादर बिछी दिखाई दी।
दिल्ली के कुतुब मीनार के पास धुंध छाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले प्रदूषण चरम पर था, जब भी हम बाहर निकलते थे, तो हम अपनी आंखों में जलन महसूस करते थे। लेकिन पिछले सप्ताह की तुलना में अब यह थोड़ा बेहतर है। लेकिन समस्या अभी भी कायम है।
देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का कहर जारी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 305 बहुत खराब श्रेणी है। आईजीआई एयरपोर्ट के पास 226 (खराब), लोधी रोड पर 181 और आरके पुरम में 287 (खराब) श्रेणी में है।
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दिल्ली के कुतुब मीनार के पास धुंध छाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले प्रदूषण चरम पर था, जब भी हम बाहर निकलते थे, तो हम अपनी आंखों में जलन महसूस करते थे। लेकिन पिछले सप्ताह की तुलना में अब यह थोड़ा बेहतर है। लेकिन समस्या अभी भी कायम है।
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देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का कहर जारी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 305 बहुत खराब श्रेणी है। आईजीआई एयरपोर्ट के पास 226 (खराब), लोधी रोड पर 181 और आरके पुरम में 287 (खराब) श्रेणी में है।
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Delhi: A layer of haze shrouds the sky in the national capital this morning. Visuals around ITO and Yamuna Ghat. pic.twitter.com/bDlUrkar4F
— ANI (@ANI) November 19, 2020
Delhi: Air Quality Index (AQI) in Anand Vihar at 305 (very poor category), around IGI Airport (T3) at 226 (poor category), around Lodhi Road at 181 (moderate category), and in RK Puram at 287 (poor category) as per data by Central Pollution Control Board (CPCB). pic.twitter.com/njaBU0e8ji
— ANI (@ANI) November 19, 2020
फिर खराब श्रेणी में पहुंची दिल्ली की हवा, 211 रहा एक्यूआई
इससे पहले, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और हवा की रफ्तार बढ़ने व दिशा बदलने से एक दिन के लिए साफ हुई दिल्ली की हवा बुधवार को फिर खराब श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 211 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है। जबकि एक दिन पहले यह आंकड़ा 171 के साथ औसत श्रेणी में पहुंचा था। वहीं, दिल्ली- एनसीआर में शामिल गाजियाबाद में 236 के सूचकांक के साथ सबसे प्रदूषित रहा।
सफर के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और उतर प्रदेश में कुल 427 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। जिससे प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पीएम 2.5 की 8 फीसदी हिस्सेदारी रही। जबकि एक दिन पहले पराली के धुएं की केवल तीन फीसदी हिस्सेदारी रही थी। दरअसल, बुधवार से हवा की दिशा उतर- पश्चिम की ओर हो गई है साथ ही हवा की रफ्तार में भी कमी दर्ज की गई है।
इस वजह से प्रदूषण के तत्वों को बढ़ने में मदद मिली है। एक दिन पहले राजधानी में 41 दिनों बाद लोगों ने 171 के वायु गुणवता सूचकांक के साथ साफ हवा में सांस ली थी। इससे पहले गत 6 अक्टूबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक औसत श्रेणी में दर्ज किया गया था।
आगामी दिनों में हवा के उतर-पश्चिम रुख की ओर रहने और धीमी चाल की वजह से प्रदूषण में बढ़ोतरी होगी। इस वजह से आगामी दो दिनों के भीतर दिल्ली-एनसीआर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी से बहुत खराब श्रेणी में भी पहुंच सकता है। वहीं, दिल्ली एनसीआर की बात करें तो गाजियाबाद में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 236, ग्रेटर नोएडा में 228, गुरुग्राम में 141, फरीदाबाद का 172 और नोएडा का 207 रहा। ब्यूरो
दिल्ली- एनसीआर के आंकड़े
शहर-एक्यूआई
फरीदाबाद 172
गाजियाबाद 236
नोएडा 207
गुरुग्राम 141
ग्रेटर नोएडा 228
सफर के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और उतर प्रदेश में कुल 427 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। जिससे प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पीएम 2.5 की 8 फीसदी हिस्सेदारी रही। जबकि एक दिन पहले पराली के धुएं की केवल तीन फीसदी हिस्सेदारी रही थी। दरअसल, बुधवार से हवा की दिशा उतर- पश्चिम की ओर हो गई है साथ ही हवा की रफ्तार में भी कमी दर्ज की गई है।
इस वजह से प्रदूषण के तत्वों को बढ़ने में मदद मिली है। एक दिन पहले राजधानी में 41 दिनों बाद लोगों ने 171 के वायु गुणवता सूचकांक के साथ साफ हवा में सांस ली थी। इससे पहले गत 6 अक्टूबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक औसत श्रेणी में दर्ज किया गया था।
आगामी दिनों में हवा के उतर-पश्चिम रुख की ओर रहने और धीमी चाल की वजह से प्रदूषण में बढ़ोतरी होगी। इस वजह से आगामी दो दिनों के भीतर दिल्ली-एनसीआर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी से बहुत खराब श्रेणी में भी पहुंच सकता है। वहीं, दिल्ली एनसीआर की बात करें तो गाजियाबाद में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 236, ग्रेटर नोएडा में 228, गुरुग्राम में 141, फरीदाबाद का 172 और नोएडा का 207 रहा। ब्यूरो
दिल्ली- एनसीआर के आंकड़े
शहर-एक्यूआई
फरीदाबाद 172
गाजियाबाद 236
नोएडा 207
गुरुग्राम 141
ग्रेटर नोएडा 228