फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Air pollution in Delhi will reduce life expectancy by 8.2 years, claims University of Chicago report

चिंताजनक: दिल्ली में वायु प्रदूषण से लोगों की आयु 8.2 वर्ष घट जाएगी, शिकागो विश्वविद्यालय की रिपोर्ट में दावा

Fri, 29 Aug 2025 03:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 29 Aug 2025 03:18 AM IST
सार

वायु प्रदूषण का यही स्तर रहा तो लोगों की औसत आयु 8.2 वर्ष घट जाएगी। शिकागो विश्वविद्यालय की वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक (एक्यूएलआई) रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में औसत सूक्ष्म कण पदार्थ (पीएम 2.5) का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशा-निर्देश से 20 गुना अधिक है।

विज्ञापन
Air pollution in Delhi will reduce life expectancy by 8.2 years, claims University of Chicago report
Delhi Pollution - फोटो : freepik

विस्तार

दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ है। वायु प्रदूषण का यही स्तर रहा तो लोगों की औसत आयु 8.2 वर्ष घट जाएगी। शिकागो विश्वविद्यालय की वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक (एक्यूएलआई) रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में औसत सूक्ष्म कण पदार्थ (पीएम 2.5) का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशा-निर्देश से 20 गुना अधिक है।

विज्ञापन


2023 में शहर में पीएम 2.5 की मात्रा 111.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी। यह डब्ल्यूएचओ की तय सीमा 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से 22 गुना अधिक है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जहरीली हवा के कारण दिल्लीवासियों की जीवन प्रत्याशा में सबसे अधिक कमी आई है, जो विश्व के किसी भी अन्य शहर की तुलना में अधिक है।
विज्ञापन


दिल्ली समेत सिंधु-गंगा का मैदानी क्षेत्र सबसे प्रदूषित है। यहां वायु प्रदूषण से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सबसे ज्यादा हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषित हवा से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर नियंत्रण, औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की समस्या से निपटना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिकागो विश्वविद्यालय के ऊर्जा नीति संस्थान (ईपीआईसी) ने 2025 की एक्यूएलआई रिपोर्ट तैयार की गई है। उपग्रह से प्राप्त पीएम2.5 आंकड़ों के आधार पर यह वैश्विक और क्षेत्रीय प्रदूषण के स्तर और मानव स्वास्थ्य पर उनके प्रभाव का आकलन करती है।

पर्यावरणीय मुआवजे की उचित गणना के लिए एसओपी जारी

पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति का आकलन करने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने उल्लंघन के कारण निर्माण व विध्वंस परियोजनाओं को बंद करने का आदेश दिया है।

इसमें राज्य प्रदूषण बोर्डों से मुआवजा लगाने से पहले निरीक्षण और विश्वसनीय साक्ष्यों के माध्यम से उल्लंघन के दिनों की वास्तविक संख्या की पुष्टि करने को कहा गया था। 29 जुलाई को आयोग ने आगे निर्देश दिया कि शुल्कों की यथार्थवादी और निष्पक्ष गणना सुनिश्चित करने के लिए परियोजना समर्थकों की तरफ से प्रस्तुत दस्तावेजी साक्ष्यों पर भी विचार किया जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed