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कोरोना महामारी के बीच दिल्ली एम्स में नर्सों की हड़ताल, प्रबंधन ने जताई आपत्ति, एक मांग पर मचा घमासान

Mon, 14 Dec 2020 05:39 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 14 Dec 2020 05:39 PM IST
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AIIMS nurse union starts strike alleges administration for not accepting demand of nurses
एम्स की नर्स यूनियन हड़ताल पर - फोटो : अमर उजाला

कोरोना महामारी के चलते लंबे समय से संक्रमण से लड़ रहे दिल्ली एम्स में नर्सिंग कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी है। सोमवार को दिल्ली एम्स में नर्सिंग कर्मचारियों ने अपना काम छोड़कर परिसर में ही प्रदर्शन शुरू किया। दोपहर बाद कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। 

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नर्सिंग यूनियन का आरोप है कि एम्स प्रबंधन और सरकार उनकी मांगों को नहीं सुन रही है। अगर अभी भी उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया तो 16 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। उधर हड़ताल की खबर ने पूरे एम्स में हड़कंप मचा दिया है। ओपीडी और आपातकालीन विभाग पर हड़ताल का ज्यादा असर नहीं पड़ा लेकिन अस्पतालों में भर्ती मरीजों के उपचार को लेकर दिक्कतें आना शुरू होंगी।
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इसी के चलते शाम को एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने वीडियो संदेश यूनियन तक पहुंचाया। डॉ. गुलेरिया का कहना है कि प्रबंधन और सरकार ने नर्सिंग यूनियन की सभी मांगों को स्वीकार लिया है लेकिन एक मांग पर अभी तक सहमति नहीं है। कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने को लेकर इस मांग में छठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर जोर दिया है जोकि फिलहाल संभव नहीं है। इस दिशा में प्रबंधन की ओर से काम किया जा रहा है लेकिन महामारी के बीच जहां हर कोई एक जंग लड़ रहा है। ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल से न सिर्फ एम्स की छवि धूमिल होगी, बल्कि मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। 
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एम्स नर्सिंग यूनियन के अध्यक्ष हरीश कुमार का कहना है कि लंबे समय से प्रबंधन के आगे अपनी मांगों को लेकर चर्चा चल रही है। एक महीने पहले ही यूनियन ने प्रबंधन को समय देते हुए कहा था कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो कर्मचारियों के पास अपना काम छोड़ने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं होगा।

हरीश का कहना है कि एम्स हर कर्मचारी और डॉक्टर का संस्थान है। यहां आने वाले सभी मरीजों की जिम्मेदारी भी उनकी है। नर्सिंग यूनियन यह कतई नहीं चाहती है कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की बाधा आए लेकिन प्रबंधन को यह भी सोचना चाहिए कि कर्मचारियों की मांग पर ध्यान नहीं दिया जाएगा तो वह रात दिन कैसे कोरोना संकट में अपना बेहतर योगदान कर सकेंगे। 

हड़ताल होने पर एम्स ने ठेके पर मंगाए नर्सिंग कर्मचारी : यूनियन

एम्स के नर्सिंग यूनियन अध्यक्ष हरीश कुमार का कहना है कि दिल्ली एम्स में सोमवार को नर्सिंग कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल होने के बाद ठेके पर बाहर के कर्मचारियों को बुलाया गया है। मरीजों को चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली एम्स ने अस्थायी तौर पर नर्सिंग कर्मचारियों को तैनात किया है।

उन्होंने बताया कि एम्स के नर्सिंग कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर कभी निदेशक तो कभी स्वास्थ्य मंत्री से अपील कर रहे हैं। कुछ समय पहले स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई बैठक में एम्स के निदेशक भी मौजूद थे। उस वक्त सभी मांगों को स्वीकार कर लिया गया लेकिन अब तक उन पर अमल नहीं किया जा सका। अब नर्सिंग यूनियन ने प्रदर्शन शुरू किया तो एम्स प्रबंधन ने बाहर से ठेके पर कर्मचारियों को बुलाया है। एम्स प्रबंधन का यह व्यवहार किसी भी हालत में स्वीकार करने योग्य नहीं है। उधर, यूनियन के इन आरोपों पर एम्स प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। 

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