कोरोना कालः तीन डॉक्टरों की आत्महत्या के बाद एम्स का फैसला, तनाव मुक्त होने के लिए डॉक्टर करेंगे पर्यटन स्थलों का दौरा
-अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग ने शुरू की है पहल, अस्पताल में पिछले दिनों तीन डॉक्टरों ने की है आत्महत्याएं
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कोरोना काल में आम लोगों के अलावा डॉक्टर और मेडिकल के छात्र भी मानसिक तनाव में हैं। बीते कुछ महीनों में एम्स में तीन डॉक्टरों ने आत्महत्या की है। इसका प्रमुख कारण मानसिक तनाव पाया गया है।
इस तनाव को दूर करने के लिए एम्स अस्पताल के प्रोफेसरों ने पहल शुरू की है। इसके तहत डॉक्टरों और छात्रों को हर रविवार दिल्ली और आसपास के पर्यटन स्थलों और पार्कों की सैर कराई जाएगी। इससे प्रकृति के प्रति उनका प्रेम जागेगा और तनाव भी कम होगा।
एम्स के प्रोफेसर विजय गुर्जर ने बताया कि बीते कुछ महीनों से अस्पताल में डॉक्टरों के आत्म हत्या करने की गई घटनाएं हुई है। उसमें देखा गया है कि इस कदम को उठाने वालों में अधिकतर वे शामिल थे, जो किसी प्रकार के मानसिक तनाव में थे।
बीते चार महीनों से कई छात्रों में तनाव देखा गया है। इसके कई कारण हैं। तनाव को दूर करने के लिए अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसरों ने यह पहल की है। इस तरह की गतिविधियों से डॉक्टरों और छात्रों को तनावमुक्त रहने में मदद मिलेगी।
कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर अमरिंद्र मल्ली ने कहा कि आने वाले समय में वह हर रविवार की सुबह उनके रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ कुतुब मीनार , इंडिया गेट, ताजमहल और अन्य पर्यटन स्थलों के साथ-साथ पार्कों में भी घूमने जाया करेंगे।
एम्स में मानसिक समस्याओं से निपटने के लिए मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉक्टर प्रताप सरन मनोरोग विभाग के साथ मिलकर सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे छात्र कल्याण केंद्र चलाते हैं। इसमें डॉक्टरों की काउंसलिंग के लिए पांच मनोवैज्ञानिक भी रखे गए हैं। किसी विभाग के डॉक्टर को अगर कोई परेशानी होती है को यह मनो वैज्ञानिक उनकी काउंसलिंग करते हैं।