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एक जिस्म से दो नन्हीं जानों को अलग कर फिर इतिहास रचेगा एम्स, दो महीने बाद होगी जटिल सर्जरी
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 08 Jul 2018 12:25 AM IST
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जटिल सर्जरी
- फोटो : अमर उजाला
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सिर से जुड़े जग्गा और बलिया की सफल सर्जरी कर दुनिया भर में इतिहास रचने वाला एम्स अब एक और उपलब्धि हासिल करने की तैयारी में है। कुछ ही दिनों पहले सर्जरी विभाग में यूपी की दो बेटियों को भर्ती कराया गया। कमर से जुड़ी 67 दिन की इन बच्चियों की आंतरिक जांच डॉक्टरों ने शुरू कर दी है।
वहीं, शनिवार दोपहर दिल्ली के स्वामी दयानंद अस्पताल से दो और बेटियों को एम्स में भर्ती कराया गया। इन दोनों बच्चियों के हिप बोन जुड़े हुए हैं।
डॉक्टर दोनों ही केस पर एक साथ काम कर रहे हैं। आंतरिक जांच में सब कुछ ठीक होगा तो दो से तीन माह में ऑपरेशन करने का फैसला लिया जा सकता है। हालांकि अभी तक एम्स के डॉक्टरों की टीम ने इस केस से जुड़ी ज्यादा जानकारी देने से इंकार किया है। बाल सर्जरी विभाग की डॉ. मीनू वाजपेयी की निगरानी में इन बच्चियों को रखा है।
डॉक्टरों का कहना है कि शरीर के निचले हिस्से से जुड़े मामले दुर्लभ होते हैं। ऐसे मामलों में अमूमन बच्चों को दो सिर, दो धड़, एक पेट, चार हाथ और तीन या चार पैर होते हैं लेकिन यूपी की 67 दिन की बच्चियों के सब अंग अलग हैं।
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वहीं, शनिवार दोपहर दिल्ली के स्वामी दयानंद अस्पताल से दो और बेटियों को एम्स में भर्ती कराया गया। इन दोनों बच्चियों के हिप बोन जुड़े हुए हैं।
डॉक्टर दोनों ही केस पर एक साथ काम कर रहे हैं। आंतरिक जांच में सब कुछ ठीक होगा तो दो से तीन माह में ऑपरेशन करने का फैसला लिया जा सकता है। हालांकि अभी तक एम्स के डॉक्टरों की टीम ने इस केस से जुड़ी ज्यादा जानकारी देने से इंकार किया है। बाल सर्जरी विभाग की डॉ. मीनू वाजपेयी की निगरानी में इन बच्चियों को रखा है।
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डॉक्टरों का कहना है कि शरीर के निचले हिस्से से जुड़े मामले दुर्लभ होते हैं। ऐसे मामलों में अमूमन बच्चों को दो सिर, दो धड़, एक पेट, चार हाथ और तीन या चार पैर होते हैं लेकिन यूपी की 67 दिन की बच्चियों के सब अंग अलग हैं।
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दोनों सिर्फ कमर से जुड़ी हैं। कमर के ही अंदरूनी भाग की जांच के बाद डॉक्टर ऑपरेशन का फैसला ले सकेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि यह केस चुनौतियों से भरा है। इसलिए फिलहाल उपलब्धि की बात करना जल्दबाजी होगी, लेकिन अगर यह ऑपरेशन सफल होता है तो निश्चित ही एम्स फिर से इतिहास रचेगा।
पिछले साल जग्गा और बलिया की हुई सफल सर्जरी
दरअसल, पिछले वर्ष अक्तूबर में जग्गा और बलिया को सिर से जुड़े होने के कारण मैराथन सर्जरी के बाद एम्स के डॉक्टरों ने अलग किया था। उस दौरान भी डॉक्टर खामोश थे। उन्हें डर था कि ऑपरेशन के बाद कहीं केस बिगड़ न जाए, लेकिन अभी तक दोनों ही बच्चे स्वस्थ नजर आ रहे हैं। अभी भी ये दोनों भाई एम्स में भर्ती हैं।
3डी मॉडल पर प्रैक्टिस करेंगे डॉक्टर
डॉक्टर बच्चियों से जुडे़ दोनों केसों की जांच में जुटे हैं। उम्मीद है कि इस केस में भी डॉक्टर 3डी मॉडल का इस्तेमाल कर ऑपरेशन से पहले प्रैक्टिस करेंगे। ठीक ऐसा ही जग्गा और बलिया के केस में हुआ था। 3डी मॉडल के जरिये डॉक्टर पहले से ही शरीर का एक ढांचा तैयार कर लेते हैं। ताकि ऑपरेशन से पहले उन्हें मरीज के शरीर में मौजूद हर तरह की पहचान हो। इससे ऑपरेशन के दौरान टीम को काफी मदद मिलती है।
पिछले साल जग्गा और बलिया की हुई सफल सर्जरी
दरअसल, पिछले वर्ष अक्तूबर में जग्गा और बलिया को सिर से जुड़े होने के कारण मैराथन सर्जरी के बाद एम्स के डॉक्टरों ने अलग किया था। उस दौरान भी डॉक्टर खामोश थे। उन्हें डर था कि ऑपरेशन के बाद कहीं केस बिगड़ न जाए, लेकिन अभी तक दोनों ही बच्चे स्वस्थ नजर आ रहे हैं। अभी भी ये दोनों भाई एम्स में भर्ती हैं।
3डी मॉडल पर प्रैक्टिस करेंगे डॉक्टर
डॉक्टर बच्चियों से जुडे़ दोनों केसों की जांच में जुटे हैं। उम्मीद है कि इस केस में भी डॉक्टर 3डी मॉडल का इस्तेमाल कर ऑपरेशन से पहले प्रैक्टिस करेंगे। ठीक ऐसा ही जग्गा और बलिया के केस में हुआ था। 3डी मॉडल के जरिये डॉक्टर पहले से ही शरीर का एक ढांचा तैयार कर लेते हैं। ताकि ऑपरेशन से पहले उन्हें मरीज के शरीर में मौजूद हर तरह की पहचान हो। इससे ऑपरेशन के दौरान टीम को काफी मदद मिलती है।