चार अस्पतालों में भटकने के बाद डेंगू से छात्र की मौत
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डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद भले ही अस्पताल-प्रशासन मरीज को भर्ती करने से अब इनकार न कर रहे हो लेकिन आईसीयू में बिस्तर खाली नहीं होने की वजह से मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
आईसीयू में बिस्तर की तलाश में न्यू सीमापुरी इलाके में रहने वाले दसवीं कक्षा के एक छात्र की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज में कोताही बरती गई और लगातार तबीयत बिगड़ती चली गई। तीन से चार दिनों के इलाज में करीब एक लाख रुपये खर्च करने पड़े।
मैक्स पटपड़गंज में नहीं मिला आईसीयू बेड
न्यू सीमापुरी इलाके में रहने वाले राम किशोर के 17 वर्षीय बेटे रिषभ को घर के नजदीक के रेडक्रॉस अस्पताल में जांच कराई गई, जिसमें डेंगू की पुष्टि हो गई।
इसके बाद मरीज की स्थिति खराब होने पर उसे विवेक विहार स्थित गुप्ता नर्सिंग होम में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। तबीयत में सुधार नहीं होने के बाद रिषभ को पटपड़गंज स्थित मैक्स अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पीड़ित के नजदीकी बी.एल. जिम्मबार ने बताया कि दिल्ली में तीन जगहों पर दिखाया और इस दौरान करीब एक लाख रुपये खर्च हो गए।
इलाज के दौरान मैक्स वैशाली में हुई मौत
गौरतलब है कि प्लेटलेट्स भी चढ़ाई गई, लेकिन मैक्स पटपड़गंज ने कहा कि बच्चे को आईसीयू की जरूरत है, लेकिन यहां बिस्तर खाली नहीं है। इसलिए बच्चे को मैक्स वैशाली में रेफर कर दिया, जहां बच्चे की बृहस्पतिवार शाम मौत हो गई।
रिषभ को गंभीर हालात में 16 सितंबर की सुबह भर्ती कराया गया था। उस समय उसका प्लेटलेट्स 9000 था, इसके बाद एक यूनिट प्लेटलेट्स चढ़ाया गया। मरीज की हालत खराब थी और आईसीयू की जरूरत थी। आईसीयू में बिस्तर खाली नहीं होने की वजह से मरीज के परिजनों की इच्छा से रिषभ को मैक्स अस्पताल वैशाली रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मरीज की आर्थिक स्थिति को देखते हुए इलाज की एक बड़ी राशि छोड़ दी गई।-मैक्स अस्पताल प्रशासन।