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तीन दिन की जद्दोजहद के बाद निगम ने गिराई मुनिरका की छह मंजिला खतरनाक इमारत
Mon, 24 Feb 2020 06:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 24 Feb 2020 06:37 AM IST
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ध्वस्त इमारत
- फोटो : अमर उजाला
मुनिरका गांव में रहने वालों के लिए खतरा बनी झुकी हुई 6 मंजिला इमारत को एसडीएमसी की टीम ने रविवार को कड़ी जद्दोजहद के बाद ध्वस्त कर दिया। यह इमारत गिराने के लिए निगम की टीम को तीन दिन तक मशक्कत करनी पड़ी।
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इमारत गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। इस इमारत से आसपास के मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा था। इसलिए इन्हें भी खाली कराया गया था। इमारत को गिराने के बाद निगम की टीम ने आसपास के लोगों को उनके घरों में जाने की अनुमति दे दी।
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एसडीएमसी को बृहस्पतिवार को इस इमारत के झुकने की सूचना मिली थी। छह मंजिला इस इमारत के आसपास अन्य इमारतें भी बहुमंजिला हैं। खतरे को भांपकर निगम ने आसपास के सभी मकानों को खाली करा लिया।
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शुक्रवार को दो जेसीबी लाकर इमारत को गिराने का प्रयास किया गया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। शनिवार को एक क्रेन और दो पोकलेन मशीनों से दिनभर कड़ी मशक्कत के बाद महज दो पिलर ही तोड़े जा सके।
इससे यह इमारत डेढ़ फीट ही झुकी। सुरक्षा कारणों से इस इमारत में निगम के बेलदारों को नहीं भेजा गया। एक टीले पर बनी इस इमारत की ऊंचाई सड़क से 60 फुट से भी ज्यादा थी। ऊंचाई ज्यादा होने की वजह से निगम द्वारा लाई गई क्रेन और पोकलेन मशीनें इमारत के ऊपरी तलों पर नहीं पहुंच पाईं।
इसके बाद निगम की टीम ने इमारत के सड़क के साइड वाले पिलरों को तोड़ना शुरू किया। रविवार को एक क्रेन, तीन पोकलेन और दो जेसीबी मशीनों की मदद से कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इमारत को गिराया जा सका। निगम अधिकारियों का कहना है कि इमारत गिराने के दौरान दो अन्य घर चपेट में आकर मामूली रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनकी एक-एक दीवार टूट गई है।
इन मकानों में हुए नुकसान की भरपाई झुकी हुई इमारत के मालिक से कराई जाएगी। साथ ही, इमारत को ढहाने में प्रयोग की गई मशीनों पर हुए खर्च को भी इमारत के मालिक से वसूला जाएगा।