फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   After the train back on track movement.

आंदोलन खत्म होने के बाद पटरी पर लौटी ट्रेन

Thu, 25 Feb 2016 09:28 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव Updated Thu, 25 Feb 2016 09:28 AM IST
विज्ञापन
After the train back on track movement.

आरक्षण की मांग को लेकर पटरियों पर उतरे जाट आंदोलन और आरक्षण देने के लिए शुरू हुई सरकारी कसरत के बीच चौथे दिन बुधवार को दैनिक यात्रियों के लिए राहत भरा रहा।

विज्ञापन


आंदोलन खत्म होने के बाद बुधवार को ट्रेन पटरी पर लौटी। गुड़गांव होते हुए दिल्ली-रेवाड़ी-जयपुर के बीच रेल ट्रैक आंदोलनकारियों के द्वारा खाली किया जाने से सभी 90 ट्रेनों का आवागमन शुरू होने से लाखों लोगों को राहत मिली है।
विज्ञापन


हालांकि चार दिनों के आंदोलन से करीब 50 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बुधवार को ट्रेन शुरू होने से सबसे अधिक राहत कामकाजी और विद्यार्थी वर्ग के यात्रियों को मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रेवाड़ी से पटौदी, गुड़गांव, दिल्ली और दिल्ली की तरफ से पालम, गुड़गांव, गढ़ी हरसरू, पातली, पटौदी, रेवाड़ी सहित बीच के स्टेशनों से प्रतिदिन करीब 70 हजार दैनिक यात्री आवागमन करते हैं।

बुधवार को पटौदी स्टेशन पर अपने तय समय पर सुबह सात बजकर 35 मिनट पर जब 54414 पेसेंजर 2आरएनटी ट्रेन (पार्लियामेंट्री ट्रेन) आई तो पटौदी के आसपास के 70 गांवों के दैनिक यात्रियों को राहत मिली। ट्रेन नहीं चलने की वजह से इसका ट्रैफिक सड़कों पर आ गया था। यात्रियों को बसों, प्राइवेट वाहन और ट्रकों में सफर करना पड़ था।

ट्रेन का सबसे अधिक राहत दूधियाओं ने महसूस की। फर्रूखनगर से गढ़ी हरसरू-गुड़गांव होते हुए दिल्ली तक आवागमन करने वाली डीईएमयू ट्रेनों के संचालन ने फर्रूखनगर क्षेत्र के फूल उत्पादक सहित कामकाजी लोगों को भी राहत प्रदान की है।

दैनिक रेल यात्री समन्वय समिति दिल्ली-रेवाड़ी सेक्शन के अध्यक्ष पीएल वर्मा का कहना है कि ट्रेनों के बंद रहने से जो भी परेशानी हुई उसको बयान नहीं किया जा सकता है।


कामकाजी लोगों के लिए रेल से सस्ता अन्य कोई भी आवागमन का साधन नहीं है। वास्तव में रेवाड़ी से दिल्ली के बीच में डेढ़ दर्जन स्टेशनों के साथ वाले सैकड़ों गांवों के लोगों के लिए ट्रेन ही लाइफ लाइन है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed