इन पांच एक्सपेरिमेंट से चलेगी केजरीवाल सरकार
आम आदमी पार्टी की सरकार एक्सपेरिमेंट मोड में भी चलेगी। शुरुआत बजट बनाने से होगी जो अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग, व्यापारियों से टैक्स वसूली, सरकार की किसी क्षेत्र में स्थिति की जनता को जानकारी देने तक एक्सपेरिमेंट में शामिल होगा। यह जानकारी खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विस में दी है।
एक्सपेरिमेंट नंबर-एक
जनता से पूछकर उनके मोहल्ले के प्रोजेक्ट का बजट
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उपराज्यपाल अभिभाषण चर्चा के जवाब में कहा कि अभी तक विभाग जो बताते हैं, उसी हिसाब से बजट बनता है। विभाग का हजारो करोड़ रुपये का बजट पास हो जाता है लेकिन जनता नाली, सड़क या अन्य काम कहती है तो बजट मना कर देते हैं। हम बजट में एक्सपेरिमेंट करना चाहते हैं।
क्यों न बजट जनता से पूछकर बनाएं। शुरुआत 5-10 विस से करेंगे। मोहल्ला सभा बनाकर नागरिकों की मीटिंग में पूछेंगे और उसे विस में चर्चा के बाद उसी मद में पास करेंगे। फिर बजट के लिए संबंधित विभाग पैसे की कमी नहीं बताएगा। दुनिया के कुछ देश में यह मॉडल चल रहा है। यह पांच साल में नहीं बल्कि बार-बार जनता से जाकर पूछेंगे।
अच्छा एक्शन प्लान देने वाले अफसर को मिलेगी नियुक्ति
एक्सपेरिमेंट नंबर-दो
मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमें लगता है कि अभी तक अपने अफसर व लोग अच्छे थे। व्यवस्था उन्हें नया करने का मौका नहीं देती थी। केजरीवाल ने बताया कि चुनिंदा विभागों का सरकार एक लक्ष्य निर्धारित करके प्रचारित करेंगे।
उसे पूरा करने के प्रयोगात्मक प्लान अधिकारियों से मंगाएंगे। जो अधिकारी लक्ष्य का हासिल करने का सबसे अच्छा प्लान देगा, उसकी नियुक्ति संबंधित विभाग में होगी। पूरा एक साल का मौका दिया जाएगा। बीच-बीच में समीक्षा होगी, अगर लक्ष्य की दिशा में चल रहा है तो मौका दिया जाएगा।
इस तरह सरकार चलाएंगे केजरीवाल
एक्सपेरिमेंट नंबर-तीन
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा है कि गर्मी नजदीक है। पानी की समस्या सभी क्षेत्र में होगी। तीन तरह की दिक्कतें होती है। पहली दिक्कत यह रहती है कि पाईपलाइन है लेकिन पानी नहीं आता। दूसरी दिक्कत में पानी आता है लेकिन गंदा आता है। तो तीसरे मामले में पाईप लाइन ही नहीं है, वहां टैंकर या अन्य व्यवस्था से पानी आता है। तीनों मामले में विधायक अपना-अपना सुझाव व दिक्कतें कॉलोनी स्तर पर मैपिंग करके हफ्ते-दस दिन में दें। समर एक्शन प्लान में इसे शामिल करेंगे और जिससे दूरगामी योजना में उसी हिसाब से शामिल भी किया जाएगा।
एक्सपेरिमेंट नंबर-चार
दिल्ली में व्यापारियों को गले लगाएंगे। टैक्स डराकर नहीं प्यार से लेंगे। व्यापारियों को भरोसा दिलाएंगे कि आपके टैक्स की बर्बादी नहीं होगी। केजरीवाल ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी की 49 दिन की सरकार थी तो खजाने को फायदे में छोड़कर गए थे। भाजपा की अगुवाई में 8 महीने राष्ट्रपति शासन चला जिसमें लक्ष्य से 4350 करोड़ रुपये की कम वसूली हुई है। आप सरकार ने बिना रेड मारे टैक्स जमा किया था जबकि राष्ट्रपति शासन में साप्ताहिक 40-60 रेड मारी गई। फिजूलखर्ची खत्म करेंगे और दूसरे खर्चों में कटौती करनी पड़ेगी।
बिजली के लिए जनता के बीच लाएगी श्वेत पत्र
एक्सपेरिमेंट नंबर-पांच
अरविंद केजरीवाल ने विस में कहा है कि दिल्ली में 15 साल कांग्रेस की सरकार रही। इस दौरान बिजली का निजीकरण भी हुआ। ऊर्जा के क्षेत्र में दिल्ली की क्या हालत है, इसकी जानकारी जनता को होनी चाहिए।
दिल्ली सरकार दिल्ली में बिजली की स्थिति और पिछली सरकारों में इसे लेकर किए फैसलों पर एक स्वेतपत्र जनता के सामने पेश करेगी। केजरीवाल ने कहा कि श्वेतपत्र में यह बताया जाएगा कि सरकार ने जब चार्ज संभाला तो ऊर्जा की स्थिति क्या थी और भविष्य के पांच साल में सरकार क्या करेगी।