रक्षाबंधन और GST के इस कनेक्शन के चलते खुश हैं बिजनेसमैन
जीएसटी की मार के बाद राखी पर टिकी जौहरियों की उम्मीद
-रक्षा बंधन के लिए मार्केट में बढ़ी सोने-चांदी की राखी की मांग
-जौहारियों ने तैयार की सोने-चांदी की डिजाइनदार राखियां
अमर उजाला ब्यूरो
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जीएसटी की मार से जौहरियों के काम में आई गिरावट के बाद रक्षा बंधन के त्योहार पर उनकी उम्मीद फिर से जाग गई है। जौहारियों की माने तो इन दिनों सोने व चांदी की राखियों को लेकर लोगों की डिमांड बढ़ने लगी है।
जिसको पूरा करने के लिए उन्होंने अलग-अलग प्रकार की डिजाइनदार राखियां तैयार की गई है। महंगाई में भी सोने-चांदी की राखियों की मांग पर कोई असर नहीं देखा गया। रक्षा बंधन के त्योहार को लेकर बाजार सजना शुरू हो गए हैं।
इस बार तरह-तरह की राखियों ने बाजार की रौनक बढ़ा दी है। धागे की बनी सामान्य राखियों के बीच सोने व चांदी की राखियां भी बाजार में अपनी चमक बिखेर रहीं है। गुड़गांव ज्वेलरी एसोसिएशन के महासचिव अमित जिंदल का कहना है कि पिछली बार के मुकाबले इस बार सामानय राखियों के साथ सोने व चांदी की राखियों की मांग भी तेजी से बढ़ती जा रही है।
सस्ती हैं चांदी की राखियां
चांदी की राखियों की कीमत जहां 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक है, वहीं सोने की राखियां 27 हजार रुपये से लेकर 30 हजार रुपये तक बिक रही हैं। उन्होंने बताया कि सोने की अपेक्षा चांदी की राखियां सस्ती होने के कारण ज्यादा डिमांड में है।
वहीं ऑडर पर भी अलग-अलग राखियां तैयार की जा रही है। सदर बाजार के महाराजा ज्वेलर्स के मालिक अमित शर्मा का कहना है कि राखियों का डिजाइन ट्रेंड के हिसाब से रखा गया है। जिसमें बीड्स वाली राखी, मोतियों वाली राखी, भगवान की मूरत वाली राखी जैसे डिजाइन शामिल है।
अधिकांश राखियां ब्रेसलेट के आधार की है। जौहारियों के मुताबिक जीएसटी लागू होने के बाद कीमतों में आई बढ़ोतरी से भी राखियों की मांग पर कोई खासा असर नहीं पड़ा है।