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आप के दिल्ली प्रदेश संयोजक पर बन रहा इस्तीफे का दबाव
Sat, 25 May 2019 11:58 PM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राजेश सैनी
Updated Sat, 25 May 2019 11:58 PM IST
सार
- पार्टी का एक धड़ा करारी शिकस्त की जिम्मेदारी तय करने की कर रहा वकालत
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गोपाल राय (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली चुनाव में मिली करारी हार के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय समेत पूरी प्रदेश इकाई पर इस्तीफे का दबाव बन रहा है। पार्टी नेताओं के एक धड़े की दलील है कि एमसीडी चुनाव की तरह प्रदेश नेतृत्व को हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। खासतौर से इसलिए भी कि पार्टी इस बार लड़ाई से बाहर हो गई। आप को शिकस्त भाजपा ने नहीं, पूरे उत्तर भारत में अपना जनाधार गंवाने वाली कांग्रेस ने दी है। सूत्रों की मानें तो रविवार की बैठक में इस मसले पर गहमागहमी दिख सकती है।
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गठन के बाद से बीते सात सालों में पार्टी पहली बार इतनी बुरी तरह हारी है। 2013 में पहली बार चुनाव लड़ रही आप का दिल्ली में वोट शेयर 29.5 फीसदी था। वहीं, 2014 लोक सभा चुनाव में हार के बावजूद भी पार्टी को दिल्ली में 32.9 फीसदी वोट मिले थे। तब पार्टी सभी सातों सीटों पर दूसरे नंबर पर रही थी। आप का सबसे स्वर्णिम प्रदर्शन 2015 के विधानसभा चुनाव में दिखा था। 54 फीसदी वोट हासिल करने के बाद पार्टी 70 में से 67 सीटेें जीतने में कामयाब रही थी।
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दिल्ली में पार्टी को पहली बार नाकामी 2017 के एमसीडी चुनाव में मिली थी। तीनों निगमों में शिकस्त मिलने के बावजूद भी पार्टी 26 फीसदी वोट हासिल करने में कामयाब हुई थी। इस दौरान पार्टी दिल्ली में दूसरे नंबर पर रही। फिर भी, तत्कालीन दिल्ली प्रदेश संयोजक समेत कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया था।
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उधर, लोकसभा चुनाव में न सिर्फ वोट प्रतिशत खिसककर 18.1 फीसदी पर पहुंच गया, बल्कि कांग्रेस दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। आप सूत्रों का मानना है कि इस बार आप भाजपा से नहीं, कांग्रेस से हारी है। सिर्फ दिल्ली को छोड़कर पूरे उत्तर भारत में कांग्रेस का जनाधार तेजी से खिसका है। आप के लिए बात अस्तित्व के संकट तक आ पहुंची है। अगर 2020 विधानसभा चुनाव में पार्टी हारती है तो उसके लिए खुद को बचाए रख पाना बहुत मुश्किल होगा। ऐसे में कई पार्टी नेता दबाव बना रहे हैं कि दिल्ली के हार की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। प्रदेश को नया नेतृत्व देकर पार्टी को विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू करनी होगी।
आज की बैठक में हो सकती है चर्चा
सूत्रों की मानें तो रविवार शाम पंजाबी बाग क्लब में राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं की बैठक में इस मसले पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि बैठक में गोपाल राय खुद ही इस्तीफे की पेशकश कर सकते हैं। ऐसा न होने की हालत में बैठक में लिए गए फैसले के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।