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कोर्ट के फैसले से नहरपार के किसानों की बढ़ी उम्मीदें

Sat, 29 Oct 2016 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sat, 29 Oct 2016 12:08 AM IST
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after court judgement farmers of greater faridabad are hoping well
court shimla

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के किसानों की जमीन वापस लौटाने के फैसले से यहां नहरपार ग्रेटर फरीदाबाद के किसानों में भी उम्मीद जगी है। किसानों का मानना है कि अब सरकार उनकी अधिग्रहण की गई जमीन को रिलीज कर देगी। किसानों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है।

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किसान संघर्ष समिति ग्रेटर फरीदाबाद के अध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ ने कहा इस फैसले से अब सेक्टर-75 व 80 के पांच गांवों के किसानों को अपनी जमीन सरकार से मिलने की पूरी आस है। हाईकोर्ट ने कहा है कि यह फैसला 2004-2009 के अंतर्गत आने वाली सारी अधिग्रहित जमीन पर लागू होगा।
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जिन किसानों ने जमीन का मुआवजा नहीं उठाया है और न ही अपनी जमीन का कब्जा दिया है। ऐसी जमीन किसानों को वापस कर दी जाएं। उन्होंने बताया कि नहरपार के पांच गांव बड़ोली, प्रहलादपुर, मिर्जापुर, सीही और फज्जूपुर की जमीन पर सेक्टर-75 और 80 का 638 एकड़ जमीन का नोटिफिकेशन सेक्शन चार 1 मई 2006 को किया गया था। सेक्शन छह 30 अप्रैल 2007 को किया गया और लगभग 342 एकड़ जमीन का अवार्ड 24 अप्रैल 2009 को मात्र 16 लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से सुनाया गया।
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पिछली सरकार ने अवार्ड के बाद भी मोटे मुनाफे पर लगभग 296 एकड़ जमीन प्राइवेट बिल्डरों को छोड़ दी। उन्होंने बताया कि पांच गांवों के 1743 किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था, जिसमें से मात्र 227 किसानों ने ही मुआवजा उठाया है, इसलिए नए एक्ट 2013 के अनुसार बहुमत किसानों के पास है।

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