Gokulpuri Metro Accident : हादसे के बाद मेट्रो प्रशासन ने प्रबंधक और कनिष्ठ अभियंता को किया निलंबित, जांच शुरू
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने इस मामले में प्रबंधक और सिविल विभाग के कनिष्ठ अभियंता को जांच जारी रहने तक निलंबित कर दिया है।
विस्तार
मेट्रो की पिंक लाइन पर सुबह गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन पर हुए हादसे के बाद मेट्रो प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने इस मामले में प्रबंधक और सिविल विभाग के कनिष्ठ अभियंता को जांच जारी रहने तक निलंबित कर दिया है।
साथ ही, सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के अलावा कार्यकारी निदेशक सिविल को घटना का आकलन करने के लिए मौके पर भेजा गया है। घटना के बाद पिंक लाइन की सेवाएं भी प्रभावित हुईं। ऐसे में निर्बाध यातायात संचालन सुनिश्चित करने के लिए सड़क से मलबा हटाया गया। डीएमआरसी के अधिकारियों ने अस्पताल जाकर जख्मी हुए लोगों से मुलाकात की। अधिकारियों ने घायलों को हरसंभव सहायता सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया।
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार ने गोकुलपुरी में हुई घटना का संज्ञान लेते हुए डीएमआरसी के सभी संबंधित विभागों को दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में सुरक्षा जांच करने के निर्देश जारी किए हैं। मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी न हो इसके लिए सुरक्षा एहतियात के तौर पर मौजपुर से शिव विहार तक के हिस्से पर ट्रेन सेवाओं को सिंगल लाइन पर चलाया जा रहा है।
गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। हालांकि, पिंक लाइन के बाकी हिस्सों पर ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। जब यह हादसा हुआ तो वहां से मेट्रो गुजर रही थी और स्टेशन पर कुछ यात्री खड़े थे। ऐसे में हादसे के बाद मेट्रो यात्रियों में डर का माहौल है।
मृतक को 25 लाख और घायलों को एक लाख मुआवजा
डीएमआरसी ने मृतक और घायलों के लिए राहत राशि जारी की है। इसमें मामूली रूप से जख्मी हुए व्यक्ति को एक लाख रुपये, गंभीर रूप से जख्मी को पांच लाख रुपये और मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये देने का फैसला किया है। डीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस घटना का संज्ञान लिया है। आगे कभी इस तरह की घटना न हो इसके लिए सभी अधिकारियों को मेट्रो स्टेशनों की जांच करने के लिए कहा है।
सवालों के घेरे में निर्माण की गुणवत्ता व मेंटेनेंस
पिंक लाइन पर गाेकुलपुरी मेट्रो स्टेशन वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। ऐसे में इतनी जल्दी प्लेटफॉर्म की दीवार गिरने से सवाल उठ रहे हैं। हादसे के बाद से मेट्रो में तकनीक से लेकर निर्माण तक पर लोग सवाल पूछने लगे हैं। सोशल मीडिया पर लोग मेट्रो प्रबंधन से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। ऐसे में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता व मेंटेनेंस सवालों के घेरे में आ गई है। दीपक मिश्रा ने एक्स पर लिखा कि यह हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है। मेट्रो प्रबंधन यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहा है। एक अन्य यात्री ने लिखा कि जहां यह हादसा हुआ है, उस जगह पर यात्री अमूमन चहलकदमी करते हैं। इस हादसे से यात्री खौफ में हैं। मेट्रो प्रबंधन को हादसे में जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी सजा देनी चाहिए। एक यात्री ने लिखा कि पिंक लाइन के सरोजनी नगर स्टेशन से पानी की लीकेज होती है, शुरुआत में इस पर भी ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में बड़ा हादसा हो सकता है।
कब-कब हुए हादसे
- 16 दिसंबर, 2023 : इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर 35 वर्षीय रीना देवी की साड़ी मेट्रो के दरवाजे में फंस गई थी। ऐसे में दरवाजे नहीं खुलने से वह कुछ मीटर तक घिसटती चली गईं। इलाज के दौरान उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
- 17 फरवरी, 2023 : हैदरपुर मेट्रो स्टेशन से निर्माणाधीन पिलर की ग्रिल एक कार पर गिर गई। इससे कार में बैठे दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
- 12 सितंबर, 2017: येलो लाइन पर यात्रियों से भरी मेट्रो बिना गेट बंद किए ही दो स्टेशन क्रॉस कर गई। घटना चावड़ी बाजार और कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन के बीच हुई।
- 12 जुलाई, 2009 : अमर कॉलोनी के समीप जमरूदपुर में निमार्णाधीन मेट्रो पुल गिर गया था। हादसे में कई लोगों की मौत हो गई थी।
- 19 अक्तूबर, 2008 में लक्ष्मी नगर में निर्माणाधीन मेट्रो पुल के गिरने से दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 17 लोग जख्मी हो गए थे।
- 28 अगस्त 2007 : मयूर विहार मेट्रो निर्माण साइट के पास क्रेन चालक पर कंक्रीट का स्लैब गिर गया था। इससे उसकी जान चली गई थी।
हादसा सुबह 11:04 बजे के आसपास हुआ। पांचों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा गया। यहां एक की मौत हो गई। डीएमआरसी भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने के लिए घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की जांच करेगी।
-अनुज दयाल, प्रधान कार्यकारी निदेशक, डीएमआरसी