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दिल्ली में गिरफ्तारी, चिंता में गाजियाबाद के व्यापारी, 111 फर्जी फर्म चलाने वाला सरगना गिरफ्तार

Thu, 11 Jul 2019 06:44 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: देव कश्यप Updated Thu, 11 Jul 2019 06:44 AM IST
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Advocate Running 111 Fake Firms arrested by Central GST team, Tension in Ghaziabad businessmen
- फोटो : अमर उजाला

पूर्वी दिल्ली में सेंट्रल जीएसटी विभाग की ओर से 111 फर्जी फर्मों को चला रहे अधिवक्ता की गिरफ्तारी के बाद गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर के व्यापारी टेंशन में हैं। अब तक की जांच में 55 फर्मों के जरिए 518 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। संभावना है कि टैक्स चोरी का आंकड़ा एक हजार करोड़ से ऊपर जाएगा। अधिवक्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, लेकिन अब उन लोगों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटकी है जिनकी फर्मों के नाम पर फर्जी तरीके से करोड़ों के बिल काटे गए। इसमें गाजियाबाद, नोएडा और गुड़गांव के कई व्यापारियों के नाम समाने आए हैं। 

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सेंट्रल जीएसटी विभाग की टीम को गोपनीय सूचना मिली थी कि अधिवक्ता गिरीश शर्मा जिन कंपनियों का रिटर्न भर रहे हैं, वह धरातल पर संचालित ही नहीं है। फर्जी तरीके से खरीद-बिक्री दिखाकर आईटीसी क्लेम किया जा रहा है। इनपुट मिलने पर विभाग ने जांच की तो पता चला कि जिन फर्मों का वो रिटर्न भर रहे हैं, वह नहीं है और एक-एक कंपनी से 10 से 20 करोड़ रुपये के सामान की खरीद दिखाई जा रही है। दिल्ली मथुरा रोड पर संचालित मैसर्स एसके इंटरप्राइजेज के नाम पर ही जुलाई 2017 से दिसंबर 2017 के बीच करीब 66 करोड़ रुपये का आईटीसी क्लेम किया गया।
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इस कंपनी के नाम पर गाजियाबाद, दिल्ली और नोएडा में संचालित फर्मों से समान की खरीद बिक्री दिखाई गई। अब विभाग ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि कंपनी अधिवक्ता की तरफ ही बनाई गई है। छापामार कर रिकार्ड जब्त किया गया तो कुल 111 फर्मों को पता चला। रविवार को आरोपी अधिवक्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले में पूर्व में नोएडा से एसटीएफ गिरफ्तार राजीव कुमार कुच्छल की भी भूमिका रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने पर टैक्स चोरी का मामला एक हजार करोड़ रुपये से ऊपर जाएगा। इसमें जल्द ही दिल्ली-एनसीआर और गाजियाबाद में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी होने है जो पूरे गिरोह में शामिल हैं। 
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गाजियाबाद का पता दिखाकर भी पंजीकृत कराई गई फर्म 
अधिवक्ता ने आईटीसी क्लेम के जरिए बड़ा घोटाला करने के लिए कंपनियों को देश अलग-अलग हिस्सों में पंजीकृत कराया। सेंट्रल जीएसटी की पूर्वी दिल्ली कमिश्नरेट की अंदर करीब 18 फर्म पंजीकृत कराई गई। गाजियाबाद के अंदर 15, नोएडा में 20  व उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी 20 से अधिक फर्मों का रजिस्ट्रेशन कराया गया। उसके बाद किसी भी तरह का लेनदेन किए बगैर करोड़ों रुपये के बिल काटकर समाना की खरीद बिक्री शुरू कर दी। उस पक आईटीसी क्लेम कर विभाग से उठा लिया।

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