धूप ढा रही सितम: गर्मी और लू से बचाव को एडवाइजरी जारी, दोपहर में बाहर जाने से बचें... जानें विशेषज्ञ की सलाह
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जिला आपदा एवं प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन एवं उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि गर्मी के मौसम में हवा के गर्म थपेड़ों और बढ़े हुए तापमान से लू लगने का खतरा बढ़ जाता है, खासकर धूप में घूमने वालों, खिलाड़ियों, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को लू लगने का डर ज्यादा रहता है। लू लगने पर उसके इलाज से बेहतर है, लू से बचे रहें। यानी बचाव इलाज से बेहतर है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग हरियाणा द्वारा जनहित में लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है, जिसका सभी को पालन करते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा बनाए रखनी है।
उपायुक्त ने आमजन से आह्वान किया कि वे सरकार की ओर से जारी की गई एडवाइजरी की पालन करें और लू से बचे रहें। उन्होंने बताया कि लू से बचाव के लिए स्थानीय मौसम संबंधी खबरों के लिए रेडियो सुनें, टीवी देखें और समाचार पत्र पढ़ें। गर्मी में हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, अपना सिर ढककर रखें, कपड़े, हैट अथवा छतरी का उपयोग करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं-भले ही प्यास न लगी हो।
ओआरएस (ओरल रीहाइड्रेशन सॉल्यूशन), घर में बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का मांड) नींबू-पानी, छाछ आदि का सेवन कर तरोताजा रहें। गर्मी के मौसम में जंक फूड का सेवन न करें। ताजे फल, सलाद तथा घर में बना खाना खाएं। खासतौर से दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे के बीच धूप में सीधे न जाए। यदि बच्चे को चक्कर आए, उल्टी घबराहट अथवा तेज सिरदर्द हो, सीने में दर्द हो अथवा सांस लेने में कठिनाई हो तो चिकित्सक को दिखाएं।
उपायुक्त ने बताया कि बढ़ती गर्मी में वृद्ध एवं कमजोर व्यक्तियों की खास देखभाल करें, तेज गर्मी, खासतौर से जब वे अकेले हों, तो कम से कम दिन में दो बार उनकी जांच करें। ध्यान रहे कि उनके पास फोन हो, यदि वे गर्मी से बैचेनी महसूस कर रहे हों तो उन्हें ठंडक देने का प्रयास करें। उपायुक्त ने बताया कि जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी दें। यदि आपके पास कुत्ता है तो उसे गर्मी में न टहलाएं, उन्हें सुबह और शाम को घुमाएं जब मौसम ठंडा हो। कुत्ते को गर्म सतह (पटरी, तारकोल की सडक़, गर्म रेत) पर न टहलाएं।