Operation Sindoor: दिल्ली में ब्लैकआउट के दौरान क्या करें क्या न करें, एडवाइजरी जारी; जरा सी चूक पड़ेगी भारी
बताया जा रहा है कि भविष्य में जब भी ब्लैकआउट किया जाएगा, उसकी सूचना पहले से नहीं दी जाएगी। यह कदम भी सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया है, ताकि समय पर और वास्तविक परिस्थितियों में सुरक्षा व्यवस्था को जांचा जा सके।
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भारत-पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन 'सिंदूर' के दौरान पैदा हुए हालातों के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा उपायों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने नई दिल्ली इलाके के निवासियों को ब्लैकआउट से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। एनडीएमसी ने स्पष्ट किया है कि ब्लैकआउट के दौरान कोई वैकल्पिक या बैकअप बिजली आपूर्ति चालू नहीं की जानी चाहिए।
एनडीएमसी ने बुधवार रात आठ बजे नई दिल्ली इलाके में 15 मिनट का ब्लैकआउट किया गया था। इसका मकसद सुरक्षा तैयारियों का परीक्षण करना था, लेकिन इस दौरान कई घरों, इमारतों और स्थानों पर लाइट जलती रही। इसकी वजह लोगों की ओर से इनवर्टर, जनरेटर और मोबाइल फोन की टॉर्च का उपयोग था। एनडीएमसी ने इसे गंभीरता से लिया है और कहा है कि इस तरह का व्यवहार ब्लैकआउट के उद्देश्य को विफल करता है।
एनडीएमसी के मुताबिक, ब्लैकआउट का आशय है पूर्ण अंधकार, ताकि किसी भी प्रकार की गतिविधि को शत्रु देश दूर से न देख सके। वहीं सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह जरूरी है कि वे अंधेरे में रणनीति और प्रतिक्रिया की प्रभावशीलता को परख सकें। ऐसे में किसी भी प्रकार की रोशनी, चाहे वह छोटी मोबाइल टॉर्च ही क्यों न हो, सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालती है।
बताया जा रहा है कि भविष्य में जब भी ब्लैकआउट किया जाएगा, उसकी सूचना पहले से नहीं दी जाएगी। यह कदम भी सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया है, ताकि समय पर और वास्तविक परिस्थितियों में सुरक्षा व्यवस्था को जांचा जा सके। लिहाजा लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करना चाहिए और किसी भी प्रकार की रोशनी का उपयोग न करें। ब्लैकआउट के दौरान समाज की सतर्कता और सहयोग ही राजधानी की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।