स्कूलों में दाखिला रैकेट की आरोपी पुनीता का सरेंडर
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दिल्ली के बड़े निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत दाखिला कराने के रैकेट की मुख्य आरोपी पुनीता ने रोहिणी अदालत के समक्ष समर्पण कर दिया।
अदालत ने उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। उसकी बेटी काजल को तीन दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
ईडब्ल्यूएस श्रेणी के जरिये आम लोगों से पैसे लेकर नामी स्कूलों में दाखिले के रैकेट का पर्दाफाश होने पर पुनीता और काजल फरार हो गई थी।
शुक्रवार को पुनीता ने रोहिणी अदालत में मुख्य मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आशीष अग्रवाल के समक्ष समर्पण कर दिया।
क्या है दाखिले के रैकेट का सच?
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अदालत में ही उसे गिरफ्तार कर बताया कि ईडब्ल्यूएस श्रेणी में फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर सामान्य श्रेणी के बच्चों को एक मोटी रकम लेकर दाखिला कराया जाता था।
जांच अधिकारी ने कहा कि इस मामले में आरोपी से पूछताछ कर इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों का पता लगाकर गिरफ्तार किया जाना है। इसके अलावा उससे इस मामले से संबंधित दस्तावेज बरामद करने है। इसलिए उसे रिमांड पर दिया जाए।
वहीं दूसरी तरफ बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने रिमांड पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनकी मुवक्किला को फर्जी मामले में फंसाया गया है और उसका इस रैकेट से कोई लेना देना नहीं है। इसलिए रिमांड न दिया जाए।
दाखिले के लेते थे तीन से सात लाख रुपये
अदालत ने कहा कि यह काफी गंभीर मामला है और सच्चाई को सामने लाने के लिए रिमांड जरूरी है। अत: वे आरोपी को दो दिन के रिमांड पर सौंपते हैं।
आरोप है कि फर्जी तरीके से करीब 50 से ज्यादा दाखिले कराए गए हैं। हर एक दाखिले की एवज में 3 से 7 लाख रुपये लिए जाते थे।
पुलिस ने तीन दिन पहले ही दाखिले में गड़बड़ी को लेकर नए मॉड्यूल का खुलासा करते हुए 20 वर्ष की काजल को गिरफ्तार किया था। काजल कॉलेज छात्रा है।
अब तक प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस के तहत दाखिले में गड़बड़ी को लेकर 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।