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एडीएम की पत्नी और रिटायर्ड कर्नल ने रखा अपना पक्ष, बोलीं- दलित होने के कारण हो रहा शोषण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:15 AM IST
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एसडीएम की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
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रिटायर्ड कर्नल पर छेड़छाड़ का केस दर्ज करवाने वाली एडीएम की पत्नी ऊषा चंद्र सोमवार को नोएडा स्थित अपने आवास पर मीडिया से रूबरू हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित होने के कारण उनका शोषण किया जा रहा है। उनके परिवार के साथ जो घटना हुई है उसके लिए जिलाधिकारी जिम्मेदार है।
वे समय रहते शिकायत पर संज्ञान ले लेते तो उनका घर भी न छूटता और पति का भी निलंबन नहीं होता। सवाल उठाया कि प्राधिकरण ने उनके घर पर तोड़फोड़ की है, लेकिन रिटायर्ड कर्नल के आवास और आसपास बने अन्य मकानों को छेड़ा तक नहीं गया। जबकि सभी के घर और गैराज अतिक्रमण की जद में है। उन्होंने पूरे मामले की सीबी सीआईडी से जांच कराने की मांग की।
ऊषा चंद्र ने कहा कि 14 अगस्त की घटना उनके साथ हुई थी, लेकिन पुलिस और प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने उसे झूठा करार दे दिया। इसके बाद रिटायर्ड कर्नल की शिकायत पर मेरे सहित पति-बेटे और एक अन्य पर जानलेवा हमले सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।
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उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्नल वीपी सिंह चौहान पर कोई हमला न किया गया और न ही उनको कोई चोट लगी थी तो संगीन धाराओं में मामला दर्ज करना एक पक्षीय कार्रवाई है।
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वे समय रहते शिकायत पर संज्ञान ले लेते तो उनका घर भी न छूटता और पति का भी निलंबन नहीं होता। सवाल उठाया कि प्राधिकरण ने उनके घर पर तोड़फोड़ की है, लेकिन रिटायर्ड कर्नल के आवास और आसपास बने अन्य मकानों को छेड़ा तक नहीं गया। जबकि सभी के घर और गैराज अतिक्रमण की जद में है। उन्होंने पूरे मामले की सीबी सीआईडी से जांच कराने की मांग की।
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ऊषा चंद्र ने कहा कि 14 अगस्त की घटना उनके साथ हुई थी, लेकिन पुलिस और प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने उसे झूठा करार दे दिया। इसके बाद रिटायर्ड कर्नल की शिकायत पर मेरे सहित पति-बेटे और एक अन्य पर जानलेवा हमले सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।
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उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्नल वीपी सिंह चौहान पर कोई हमला न किया गया और न ही उनको कोई चोट लगी थी तो संगीन धाराओं में मामला दर्ज करना एक पक्षीय कार्रवाई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी घटना की जानकारी जिलाधिकारी को पत्र के माध्यम से 8 अगस्त को दे दी गई थी, लेकिन कोई अहमियत नहीं दी और इसी कारण उनका परिवार सजा भुगत रहा है। समय रहते जिलाधिकारी कार्रवाई कर देते तो शायद इतना बड़ा मामला नहीं होता।
मामले को तूल देने में जिलाधिकारी की रही भूमिका
एडीएम की पत्नी ने आरोप लगाया कि पूरे मामले को तूल देने में जिलाधिकारी की विशेष भूमिका रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि उनकी सरकार में महिलाओं को सम्मान दिया जा रहा है लेकिन दलित महिलाओं को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर बेइज्जत किया जाता है।
फिर उसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी जाती है। ऐसे में जांच को नोएडा पुलिस से हटाकर सीबी सीआईडी से कराई जाए। साथ ही उनके पति पर जो कार्रवाई हुई उसे भी वापस लिया जाए।
मामले को तूल देने में जिलाधिकारी की रही भूमिका
एडीएम की पत्नी ने आरोप लगाया कि पूरे मामले को तूल देने में जिलाधिकारी की विशेष भूमिका रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि उनकी सरकार में महिलाओं को सम्मान दिया जा रहा है लेकिन दलित महिलाओं को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर बेइज्जत किया जाता है।
फिर उसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी जाती है। ऐसे में जांच को नोएडा पुलिस से हटाकर सीबी सीआईडी से कराई जाए। साथ ही उनके पति पर जो कार्रवाई हुई उसे भी वापस लिया जाए।
रिटायर्ड कर्नल ने एडीएम की पत्नी के आरोपों को निराधार बताया
एडीएम की पत्नी ऊषा चंद्र की ओर से मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखने के बाद रिटायर्ड कर्नल वीपीसिंह चौहान ने भी पत्रकार वार्ता कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके साथ अन्याय किया है और यह जग जाहिर है। उनको बिना किसी कसूर के जेल भेज दिया गया और कई तरह के मुकदमे दर्ज करा दिए गए, जिनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है।
रिटायर्ड कर्नल ने आरोप लगाया कि नोएडा पुलिस की हीलाहवाली के कारण एडीएम और उसके परिवार के लोग गिरफ्तार नहीं किए गए हैं। यह पुलिस की साजिश है और पुलिस ने ही आरोपियों को भागने की मोहलत दी थी। जिससे वह कोर्ट से स्टे ले पाने में कामयाब हो गए।
मगर इस लड़ाई को न्याय मिलने तक जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि वह एडीएम की बर्खास्तगी, उन पर लगे मुकदमे वापस कराने और न्यायिक जांच कराने की मांग करते हैं। पुलिस ने हरीशलाल और अविनाश पांडे समेत तीन युवकों को बिना किसी कारण गिरफ्तार किया था।
उन्होंने बताया कि आर्मी परिवार के लोगों के साथ इस तरह का भविष्य में अत्याचार न हो इसके लिए पूरे सेक्टर के लोगों ने एक ग्रुप बनाया है। वह प्रत्येक पीड़ित व्यक्ति के साथ लड़ेंगे और उन्हें न्याय दिलाने का काम करेंगे।
रिटायर्ड कर्नल ने आरोप लगाया कि नोएडा पुलिस की हीलाहवाली के कारण एडीएम और उसके परिवार के लोग गिरफ्तार नहीं किए गए हैं। यह पुलिस की साजिश है और पुलिस ने ही आरोपियों को भागने की मोहलत दी थी। जिससे वह कोर्ट से स्टे ले पाने में कामयाब हो गए।
मगर इस लड़ाई को न्याय मिलने तक जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि वह एडीएम की बर्खास्तगी, उन पर लगे मुकदमे वापस कराने और न्यायिक जांच कराने की मांग करते हैं। पुलिस ने हरीशलाल और अविनाश पांडे समेत तीन युवकों को बिना किसी कारण गिरफ्तार किया था।
उन्होंने बताया कि आर्मी परिवार के लोगों के साथ इस तरह का भविष्य में अत्याचार न हो इसके लिए पूरे सेक्टर के लोगों ने एक ग्रुप बनाया है। वह प्रत्येक पीड़ित व्यक्ति के साथ लड़ेंगे और उन्हें न्याय दिलाने का काम करेंगे।
उन्होंने एडीएम की पत्नी ऊषा चंद्र के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने महिला के साथ न तो छेड़छाड़ की थी और न ही अपहरण का प्रयास किया था। इसके अलावा जो भी आरोप है वह निराधार हैं।
उन्होंने केवल एडीएम द्वारा कि गए अतिक्रमण की शिकायत की थी, जिसके चलते उनको पीटा गया था और उनके पास प्रशिक्षण लेने आए बच्चों और उनके कुक को भी जेल पहुंचा दिया गया। आरोप लगाया कि एडीएम शुरू से ही विवादित रहा है।
सहारनपुर में सिटी मजिस्ट्रेट रहते हुए भी एक व्यक्ति को पीटा था। इस पर उनके खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ था। एडीएम के घर में अवैध अतिक्रमण को अभी पूरा ध्वस्त नहीं किया गया है।
उन्होंने दो कमरे अलग से बना रखे हैं और रसोई को भी पूरी तरह अलग बना लिया है। इसलिए उनको तोड़ने के लिए भी प्राधिकरण को फिर से कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा।
उन्होंने केवल एडीएम द्वारा कि गए अतिक्रमण की शिकायत की थी, जिसके चलते उनको पीटा गया था और उनके पास प्रशिक्षण लेने आए बच्चों और उनके कुक को भी जेल पहुंचा दिया गया। आरोप लगाया कि एडीएम शुरू से ही विवादित रहा है।
सहारनपुर में सिटी मजिस्ट्रेट रहते हुए भी एक व्यक्ति को पीटा था। इस पर उनके खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ था। एडीएम के घर में अवैध अतिक्रमण को अभी पूरा ध्वस्त नहीं किया गया है।
उन्होंने दो कमरे अलग से बना रखे हैं और रसोई को भी पूरी तरह अलग बना लिया है। इसलिए उनको तोड़ने के लिए भी प्राधिकरण को फिर से कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा।
यह था मामला रिटायर्ड कर्नल और एडीएम का
सेक्टर-29 में मकान में अतिक्रमण को लेकर रिटायर्ड कर्नल वीएस चौहान और एडीएम हरीशचंद्र के बीच विवाद हो गया था। इसके चलते 14 अगस्त को एडीएम की पत्नी ने रिटायर्ड कर्नल पर छेड़छाड़ और अपहरण का मामला दर्ज कराया था।
सेक्टर-20 पुलिस ने रिटायर्ड कर्नल को हथकड़ी लगाकर जेल भेज दिया था। वहीं, रिटायर्ड कर्नल ने जेल से ही एडीएम, उनकी पत्नी और बेटे समेत 7 लोगों पर जानलेवा हमले की धाराओं में मामला दर्ज कराया था।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एडीएम परिवार के साथ नोएडा छोड़कर चले गए थे। उस दिन के बाद उन्होंने मीडिया से भी बात करनी बंद कर दी थी, लेकिन गिरफ्तारी पर स्टे मिलने के बाद पहली बार सोमवार को एडीएम की पत्नी मीडिया के सामने आईं।
सेक्टर-20 पुलिस ने रिटायर्ड कर्नल को हथकड़ी लगाकर जेल भेज दिया था। वहीं, रिटायर्ड कर्नल ने जेल से ही एडीएम, उनकी पत्नी और बेटे समेत 7 लोगों पर जानलेवा हमले की धाराओं में मामला दर्ज कराया था।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एडीएम परिवार के साथ नोएडा छोड़कर चले गए थे। उस दिन के बाद उन्होंने मीडिया से भी बात करनी बंद कर दी थी, लेकिन गिरफ्तारी पर स्टे मिलने के बाद पहली बार सोमवार को एडीएम की पत्नी मीडिया के सामने आईं।
एडीएम और उनकी पत्नी के पुलिस ने किए बयान दर्ज
गत 14 अगस्त की घटना के बाद एडीएम हरीश चंद्र और उनकी पत्नी ऊषा चंद्र के बयान दर्ज नहीं हो पाए थे। चूंकि वह नोएडा से बाहर चले गए थे। इसलिए रविवार शाम एसपी क्राइम अशोक कुमार ने दंपती के बयान दर्ज कर लिए। उन्होंने कहा कि जांच में सबसे पहले सभी आरोपियों और पीड़ितों के बयान दर्ज किए जाने थे। दो-तीन लोगों के बयान अभी लेने हैं। इसके बाद जांच शुरू कर दी जाएगी।
विवाद दूर होने तक एडीएम का परिवार नहीं रहेगा घर में
ऊषा चंद्रा ने कहा कि जब तक यह मामला पूरी तरह नहीं खत्म होता है वह अपने परिवार के साथ सेक्टर-29 वाले मकान में नहीं रहेंगे। चूंकि इस विवाद से उनके बच्चों का करियर चौपट हो गया है। पिछले एक माह से बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाई है और मानसिक रूप से उनका शोषण किया गया है। बच्चों के करियर को देखते हुए वह दूसरी जगह पर रहेंगे, लेकिन कानूनी लड़ाई में पीछे नहीं हटेंगे।
एडीएम की पत्रकारवार्ता की चर्चा से पुलिस-प्रशासन हुआ सक्रिय
एडीएम द्वारा सोमवार सुबह मीडिया के समक्ष प्रेसवार्ता करने की चर्चा जैसे ही सोशल मीडिया पर पहुंची तो डीएम और एसएसपी ने अपने अधिकारियों को तुरंत संपर्क करने के लिए कहा। इस पर दोनों आला अधिकारियों ने सीओ प्रथम अवनीश कुमार को एडीएम हरीशचंद्र के घर भेजा। जहां पर उन्होंने एडीएम से वार्ता की और फिर आला अधिकारियों से भी उनकी बात कराई। इस दौरान पुलिस की दो गाड़ियां सेक्टर-20 कोतवाल के साथ मौके पर तैनात रही।