'नेपाली महिलाओं को राजनयिक के घर से छुड़ाने में कुछ गलत नहीं'
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कई माह तक दुष्कर्म का शिकार हो रहीं नेपाल की दो महिलाओं को राजनयिक के घर में घुसकर मुक्त कराने की कार्रवाई को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाईपी सिंघल ने सही बताया है।
रविवार को उन्होंने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि नेपाली महिलाओं को मुक्त कराने के ऑपरेशन में पुलिस से कोई चूक नहीं हुई। पुलिस ने अपना काम किया। डीजीपी यहां महिला थाना का निरीक्षण करने आए थे।
कैटरोइना सोसायटी स्थित सऊदी अरब के राजनयिक के घर पर हुई छापेमारी और वहां बंधक बनाकर रखी गईं नेपाली महिलाओं को मुक्त कराने की कार्रवाई से संतुष्ट सिंघल ने कहा कि यह मामला दो मित्र देशों का है, इसलिए इसमें कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी।
'सब पर पुलिस की नजर है'
विदेश मंत्रालय की ओर से जो निर्देश मिलेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से अब तक की गई छानबीन में एक भी ऐसा पहलू नहीं है, जिस पर कोई असंतोष जाहिर किया जाए।
राजनयिक के घर पर महिलाओं को नौकरानी के रूप में पहुंचाने वाला अनवर हो या राजनयिक के साथी, सब पर पुलिस की नजर है, लेकिन कार्रवाई नियमों के तहत ही होगी।
सिंघल ने कहा कि चूंकि मामला विदेश मंत्रालय के पाले में है इसलिए कुछ भी बोलना उचित नहीं है। किसी भी डिप्लोमेट पर कार्रवाई विएना कन्वेंशन के तहत ही होती है।
'पुलिस कार्रवाई में कोई चूक नहीं'
इस मामले में पुलिस इसी आधार पर आगे बढ़ेगी। विदेश मंत्रालय को इस बारे में लिखा गया है, लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला है।
ऐसे में उस स्तर पर क्या कार्रवाई हो रही है, यह नहीं बता सकता। मालूम हो कि हाई प्रोफाइल केस होने के कारण यह मुद्दा नेपाल और सऊदी अरब में छाया हुआ है।
सऊदी अरब की मीडिया ने गुड़गांव पुलिस की कार्रवाई को गलत ठहराया है। इस पर विराम लगाते हुए डीजीपी ने पुलिस कार्रवाई को क्लीन चिट दे दी है।