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दो दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

Thu, 25 Dec 2014 12:33 PM IST
Updated Thu, 25 Dec 2014 12:33 PM IST
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Acid Attack: after Two days police could not find the accused.

दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके में महिला डॉक्टर पर तेजाब डालने के सनसनीखेज मामले में फिलहाल पुलिस के हाथ खाली हैं। ज्वाइंट सीपी की देखरेख में दिल्ली पुलिस की 12 टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। बुधवार को दिन भर राजौरी गार्डन थाने में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का तांता लगा रहा।

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सूत्राें की मानेें तो ख्याला से पुलिस को पीड़िता का बैग बरामद हो गया है। पीड़िता के फोन की लोकेशन भी यमुनापार की आई है। बताया जा रहा है कि बैग झपटने के बाद उसका फोन ऑफ कर दिया गया था। बाद में उसे एक बार ऑन किया गया, जिसकी लोकेशन यमुनापार की आई।
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पुलिस केमिकल व्यापारियों से कर रही पूछताछ

Acid Attack: after Two days police could not find the accused.

महिला डॉक्टर पर एसिड अटैक के मामले के बाद दिल्ली पुलिस एसिड को लेकर सख्त कदम उठाना चहाती है। दिल्ली पुलिस केविशेष आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) दीपक मिश्रा ने बुधवार को केमिकल मर्चेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए पुलिस मुख्यालय में बुलाया था।

केमिकल मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार गोयल ने बताया कि पुलिस ये जानना चाहती है कि एसिड कितने तरीका का होता है, कैसे बिकता है और सरकार की ओर से एसिड बेचने को लेकर क्या नीतियां हैं।

गोयल ने बताया कि जो व्यापारी एसिड बेचते हैं वह उसका पूरा रिकॉर्ड रखते हैं और उसकी एसडीएम को रिपोर्ट देते हैं। एसिड रिटेल में नहीं बिकता है, बल्कि होलसेल में बिकता है। खतरनाक एसिड की बिक्री पर पाबंदी है। वह कहते है कि पाबंदी के बावजूद बोतलों में एसिड खुलेआम मिलता है। रोक कैसे लगाई जा सकती है, इस बारे में भी चर्चा हुई।

हाईकोर्ट ने तेजाब हमले पर जताई नाराजगी

Acid Attack: after Two days police could not find the accused.

हाईकोर्ट ने महिला डॉक्टर पर हुए एसिड अटैक मामले में कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने एसिड अटैक के मामलों को रोकने के लिए दिशा निर्देश तय किए हैं और उसका सख्ती से पालन होना चाहिए। साथ ही अदालत ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे मामले पर स्वयं संज्ञान लेकर सुनवाई करेंगे।

न्यायमूर्ति बीडी अहमद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने उक्त टिप्पणी राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान की। इतना ही नहीं आदेश के बावजूद सीएफएल लैब की संख्या बढ़ाने में कोताही बरतने पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कहा कि लगता है सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है।

खंडपीठ ने कहा कि राजधानी में तेजाब से हमले हो रहे हैं, आखिर सरकार कर क्या रही है। खंडपीठ ने दिल्ली सरकार को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्या एसिड अटैक को लेकर कोई याचिका लंबित है। अगर ऐसा नहीं है तो वे इस मुद्दे को लेकर सुनवाई करेंगे क्योंकि यह काफी गंभीर मामला है। खंडपीठ राजधानी में दिसंबर 2011 में हुए गैंगरेप के बाद स्वयं संज्ञान लेकर महिला सुरक्षा के मामले की सुनवाई कर रही है।

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