Nazafgarh Firing: सैलून में हत्या की साजिश का सच, कभी दोस्त हुआ करते थे हत्यारे; ये गलती ले आई रिश्ते में नफरत
Nazafgarh Firing: पुलिस सूत्रों का कहना है कि संजीव व आशीष दोस्त थे। 2021 में हत्या के एक मामले में आशीष को जेल जाना पड़ा। जेल में रहने के दौरान संजीव उससे एक बार भी मिलने के लिए नहीं गया। जेल से बाहर निकलने के बाद आशीष का इस बात को लेकर संजीव से झगड़ा हो गया।
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जेल में मिलने के लिए नहीं आने और इसे लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के विवाद में नजफगढ़ में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने की बात सामने आ रही है। शुक्रवार को सैलून में बदमाशों ने घुसकर आशीष और सोनू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सीसीटीवी कैमरे के जरिये आरोपियों की पहचान संजीव और हर्ष उर्फ चिंटू के रूप में हुई है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि संजीव व आशीष दोस्त थे। 2021 में हत्या के एक मामले में आशीष को जेल जाना पड़ा। जेल में रहने के दौरान संजीव उससे एक बार भी मिलने के लिए नहीं गया। जेल से बाहर निकलने के बाद आशीष का इस बात को लेकर संजीव से झगड़ा हो गया। परिचितों ने विवाद को सुलझाने की कोशिश भी की, लेकिन दोनों में रंजिश बरकरार रही। बताया जा रहा है कि हाल में ही इसी बात को लेकर आशीष ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कुछ आपत्तिजनक पोस्ट डाल दी। इसका बदला लेने के लिए संजीव ने हर्ष के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। हर्ष अलीपुर का रहने वाला है और तिहाड़ में बंद गोगी गैंग के बदमाश योगेश उर्फ टूंडा का रिश्तेदार है, इसलिए आशंका है कि हत्या के पीछे गैंग का भी हाथ है। आशीष पर हत्या समेत दो आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस दिल्ली-एनसीआर में एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर दबिश दे चुकी है।
यह है मामला
नांगली सकरावती निवासी सोनू और आशीष शुक्रवार दोपहर नजफगढ़ के इंदिरा पार्क स्थित सैलून में गए थे। सैलून में घुसकर दो बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। आशीष को चार व सोनू के सिर में एक गोली मारी गई। सोनू किश्ये पर मकान दिलाने का काम करता था, जबकि आशीष कोई काम नहीं करता था।