जमानत मिलने के बाद भी मिली हुई है जेल
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मारपीट के एक मामले में जमानत मिलने के बाद भी आरोपी को जेल से आजादी नहीं मिली है। ऐसे में एक आरोपी पिछले तीन दिनों से जेल की हवा खा रहा है।
मामले में सुनवाई के दौरान जेल अधीक्षक द्वारा जानकारी दी गई कि जेल प्रबंधन से अनजाने में जमानत से संबंधित दस्तावेज गुम हो गए हैं।
जिस कारण आरोपी मोनू को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सका। ऐसे में कड़कड़डूमा अदालत की महानगर दंडाधिकारी मयूरी सिंह ने जमानत के नए दस्तावेज तैयार करा जेल अधीक्षक महेंद्र प्रसाद को सौंपने को कहा।
जेल प्रबंधन के लिए क्या है सजा?
इसके साथ ही जेल अधीक्षक को दोषी जेल प्रबंधन के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अधिवक्ता आरके चौधरी ने बताया कि इससे पहले 1 सितंबर को कड़कड़डूमा अदालत के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को जमानत पर रिहा किया था।
मगर दस्तावेज गुम होने के चलते तीन दिन से जेल में ही रहना पड़ रहा है। गौरतलब है कि ज्वाला नगर निवासी 38 वर्षीय संजय कुमार ने अपनी शिकायत में बताया था कि 28 अगस्त 2015 की रात करीब 11 बजे उसके पड़ोस में रहने वाले अजय व सन्नी आपस में झगड़ रहे थे।
बेल के बावजूद जेल
आरोप है कि यहां सन्नी एक समाज विशेष को गाली दिए जाने पर संजय ने उसे समझाया जिसपर सन्नी उसे बाद में देख लेने की धमकी देकर वहां से चला गया।
कुछ ही देर बाद सन्नी उसके घर पर अपने साथियों पीयुष शर्मा मोनू एवं आशीष के साथ आया और अंदर घुसकर लाठी डंडों से संजय के सिर पर वार किया।
इस दौरान बीच बचाव करने आए पीड़ित के चचेरे भाई सुमित और पड़ोसी राहुल पर भी डंडे बरसाएए जिसकी शिकायत विवेक विहार थाने में दर्ज कराई गई थी।