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Delhi NCR News: गजियाबाद के लिए महत्वपूर्ण... गाजियाबाद में अपहरण और हत्या के आरोपी दिल्ली मुठभेड़ में गिरफ्तार
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- दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम पर छह राउंड फायरिंग, एसीपी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली, हत्या का बदला लेने के लिए रची थी अपहरण और कत्ल की साजिश
अमर उजाला ब्यूराे
नई दिल्ली। गाजियाबाद के चर्चित अपहरण और हत्याकांड में फरार दो इनामी बदमाश दिल्ली में एक और वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। वारदात से पहले ही क्राइम ब्रांच के शिकंजे में आ गए। दक्षिण दिल्ली में हुई मुठभेड़ में दोनों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। एक गोली क्राइम ब्रांच के एसीपी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गाजियाबाद के लोनी निवासी सौरभ उर्फ भोला उर्फ प्रिंस (25) और गोपाल (23) के रूप में हुई है। दोनों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस का दावा है कि दोनों हाल ही में हुए अपहरण और हत्या के मामले में फरार थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। स्पेशल सीपी क्राइम एचजीएस धालीवाल ने बताया कि सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी दिल्ली में पुरानी दुश्मनी के कारण एक और हत्या की साजिश रच रहे हैं। दक्षिण दिल्ली के अरविंदो कॉलेज के आसपास बृहस्पतिवार की रात करीब दो बजे दोनों आरोपी चोरी की मोटरसाइकिल पहुंचे। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी।
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पुलिस के मुताबिक सौरभ के पास इटली निर्मित .32 बोर की अत्याधुनिक बेरेटा पिस्तौल थी, जिससे उसने चार राउंड फायर किए। वहीं गोपाल ने .30 बोर की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल से दो राउंड गोलियां चलाईं। मुठभेड़ के दौरान एक गोली एसीपी सतेंद्र मोहन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस टीम ने जवाबी फायरिंग की और दोनों आरोपियों को घायल कर काबू कर लिया। गोपाल के भाई की हत्या के बाद उसने अपने साथी सौरभ और अन्य लोगों के साथ मिलकर विरोधी पक्ष से बदला लेने की योजना बनाई थी। आरोपियों ने देवांश नामक युवक पर हमला किया, लेकिन वह जान बचाकर भाग निकला। उसके बाद उन्होंने देवांश के पिता ओंकार को निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने ओंकार का अपहरण कर हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए शव को गंग नहर में फेंक दिया। इस वारदात ने पूरे लोनी क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी और पुलिस पर आरोपियों को पकड़ने का भारी दबाव था। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों आरोपी दिल्ली में केवल छिपने नहीं आए थे। वे पुरानी दुश्मनी से जुड़े एक और व्यक्ति को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे।
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अमर उजाला ब्यूराे
नई दिल्ली। गाजियाबाद के चर्चित अपहरण और हत्याकांड में फरार दो इनामी बदमाश दिल्ली में एक और वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। वारदात से पहले ही क्राइम ब्रांच के शिकंजे में आ गए। दक्षिण दिल्ली में हुई मुठभेड़ में दोनों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। एक गोली क्राइम ब्रांच के एसीपी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गाजियाबाद के लोनी निवासी सौरभ उर्फ भोला उर्फ प्रिंस (25) और गोपाल (23) के रूप में हुई है। दोनों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस का दावा है कि दोनों हाल ही में हुए अपहरण और हत्या के मामले में फरार थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। स्पेशल सीपी क्राइम एचजीएस धालीवाल ने बताया कि सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी दिल्ली में पुरानी दुश्मनी के कारण एक और हत्या की साजिश रच रहे हैं। दक्षिण दिल्ली के अरविंदो कॉलेज के आसपास बृहस्पतिवार की रात करीब दो बजे दोनों आरोपी चोरी की मोटरसाइकिल पहुंचे। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी।
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पुलिस के मुताबिक सौरभ के पास इटली निर्मित .32 बोर की अत्याधुनिक बेरेटा पिस्तौल थी, जिससे उसने चार राउंड फायर किए। वहीं गोपाल ने .30 बोर की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल से दो राउंड गोलियां चलाईं। मुठभेड़ के दौरान एक गोली एसीपी सतेंद्र मोहन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस टीम ने जवाबी फायरिंग की और दोनों आरोपियों को घायल कर काबू कर लिया। गोपाल के भाई की हत्या के बाद उसने अपने साथी सौरभ और अन्य लोगों के साथ मिलकर विरोधी पक्ष से बदला लेने की योजना बनाई थी। आरोपियों ने देवांश नामक युवक पर हमला किया, लेकिन वह जान बचाकर भाग निकला। उसके बाद उन्होंने देवांश के पिता ओंकार को निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने ओंकार का अपहरण कर हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए शव को गंग नहर में फेंक दिया। इस वारदात ने पूरे लोनी क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी और पुलिस पर आरोपियों को पकड़ने का भारी दबाव था। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों आरोपी दिल्ली में केवल छिपने नहीं आए थे। वे पुरानी दुश्मनी से जुड़े एक और व्यक्ति को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे।