फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Accused arrested in 26-year-old murder case in Delhi

दिल्ली: हत्या कर शव को सड़क हादसे का रूप दिया, 26 साल बाद पकड़ा गया आरोपी; लगातार बदल रहा था ठिकाना

Sun, 01 Nov 2026 03:16 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Tiwari Updated Sun, 01 Nov 2026 03:16 PM IST
सार

दिल्ली में 26 साल से फरार हत्या के आरोपी को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। पत्नी से अवैध संबंधों के शक में पड़ोसी की हथौड़े से हत्या कर उसे सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गई थी। आरोपी इटावा का रहने वाला है।

विज्ञापन
Accused arrested in 26-year-old murder case in Delhi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए वर्ष 2000 में दर्ज हत्या के एक मामले को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी विश्वनाथ सिंह उर्फ विश्वंताह चौहान उर्फ मुन्ना उर्फ फौजी (62) को गिरफ्तार किया है। आरोपी उत्तर प्रदेश के इटावा जिले का रहने वाला है और पिछले 26 साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। 
विज्ञापन


क्या था पूरा मामला?
20 अक्तूबर 1998 को जय प्रकाश (24) गोकलपुरी थाना क्षेत्र (वर्तमान में खजूरी खास थाना क्षेत्र) में गंभीर रूप से घायल और बेहोशी की हालत में मिले थे। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। उन्हें होश नहीं आया था। शुरुआत में यह मामला सड़क हादसा प्रतीत हुआ था। इसी आधार पर गोकलपुरी थाने में एफआईआर संख्या 769/1998 दर्ज की गई थी। इसमें आईपीसी की धारा 279 और 304-ए के तहत मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन


बाद में जांच के दौरान ऐसे कई अहम परिस्थितिजन्य साक्ष्य सामने आए, जिनसे पता चला कि यह सड़क हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। जांच में सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर जय प्रकाश के सिर पर हथौड़े से वार किया था, जिससे उन्हें गंभीर और जानलेवा चोटें आईं। इसके बाद आरोपी ने घटनास्थल को इस तरह दिखाने की कोशिश की, जिससे मामला हिट एंड रन यानी वाहन की टक्कर से हुई दुर्घटना लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद पहले दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया गया और थाना खजूरी खास में एफआईआर संख्या 258/2000 के तहत आईपीसी की धारा 302/506/34 में हत्या का नया मामला दर्ज किया गया।
Trending Videos

पत्नी से अवैध संबंधों के शक में की थी हत्या
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी और मृतक पड़ोसी थे। आरोपी को शक था कि जय प्रकाश के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं। पुलिस के मुताबिक, इसी शक के चलते आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन वह फरार रहा। 5 दिसंबर 2001 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। इसके बाद से ही पुलिस को उसकी तलाश थी।

कई महीनों की कोशिश के बाद मिली सफलता
करीब तीन दशक पुराने मामले और आरोपी के लंबे समय से फरार होने के कारण पुलिस के सामने उसे पकड़ने की बड़ी चुनौती थी। क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज की एक विशेष टीम कई महीनों से इस मामले में सुराग जुटाने और आरोपी की तलाश में लगी हुई थी।
इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर सुनील कुमार कलखंडे कर रहे थे। टीम में सब-इंस्पेक्टर देवेंद्र अंतिल और बिरपाल सिंह के अलावा हेड कांस्टेबल विजय सिंह यादव, समंदर, जय सिंह, प्रवीण कुमार, राहुल, विनोद, अंकित और अनूप शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी सेंट्रल रेंज सतेंद्र मोहन की निगरानी में की गई।

इटावा से मिला दिल्ली में मौजूदगी का सुराग
पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश के लिए खुफिया जानकारी के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से जांच शुरू की। सबसे पहले उत्तर प्रदेश के इटावा जिले स्थित आरोपी के पैतृक गांव में सुराग तलाशे गए। इसी दौरान पुलिस को आरोपी के दिल्ली में होने की अहम जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने दिल्ली में रह रहे आरोपी के भाइयों का पता लगाया और परिवार के संबंधित सदस्यों पर गुप्त निगरानी शुरू कर दी।

निगरानी के दौरान पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी के भाइयों से बार-बार छिपकर मिलते हुए देखा। लगातार खुफिया जानकारी जुटाने और गुप्त रूप से सत्यापन करने के बाद पुलिस ने उसकी पहचान विश्वनाथ सिंह उर्फ विश्वंताह चौहान उर्फ मुन्ना उर्फ फौजी के रूप में की।

30 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को दिल्ली के शिव विहार, सीलमपुर से गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही 26 साल से फरार आरोपी की तलाश खत्म हो गई।

पहचान छिपाकर कई जगहों पर रहा आरोपी
पुलिस के मुताबिक, फरारी के दौरान आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा, ताकि पुलिस की गिरफ्त में न आ सके। वह मावा (खोया) की थोक मंडी से जुड़े काम में लगा रहा। इस दौरान उसने फरीदाबाद, लोनी, इटावा (उत्तर प्रदेश) और दिल्ली समेत कई जगहों पर काम किया। वह अपनी पहचान और ठिकाने छिपाकर रह रहा था।

आरोपी एक संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता है और दसवीं कक्षा तक पढ़ा है। उसके दोनों बेटों ने दिल्ली के शिव विहार में डेयरी का कारोबार शुरू किया था। बाद में आरोपी भी उनके साथ इस कारोबार में शामिल हो गया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed