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Delhi NCR News: 15 साल पुराने अपहरण और रंगदारी मामले में आरोपी बरी
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नई दिल्ली। द्वारका कोर्ट ने 15 साल पुराने अपहरण, मारपीट और रंगदारी के मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीपक वासन ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सबूतों की कमी के कारण आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसी आधार पर विक्की को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। अदालत ने कहा कि आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले। यह मामला साल 2011 का है। वकील अशोक कुमार यादव ने 15 जुलाई 2011 को शिकायत दी थी कि उनके पालम कॉलोनी स्थित ऑफिस में दो लोग आए और कोर्ट में सरेंडर करने की बात कही। इसके बाद वे उन्हें अपनी कार में लेकर चले गए।
शिकायत के अनुसार, रास्ते में दोनों ने कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया, मारपीट की और 15 लाख रुपये की मांग की। साथ ही, उनसे एटीएम कार्ड, पैसे और कार के कागजात भी छीन लिए गए। मामले में दो आरोपी कृष्ण सोलंकी उर्फ बिल्लू और विक्की थे। सुनवाई के दौरान बिल्लू की मौत हो गई, जिसके बाद उसके खिलाफ केस खत्म कर दिया गया। इसके बाद पूरे मामले की सुनवाई विक्की के खिलाफ चली। ट्रायल के दौरान कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए, लेकिन कुछ गवाह अपने पहले दिए गए बयान से मुकर गए। पुलिस और अन्य गवाह भी आरोपों को पुख्ता तरीके से साबित नहीं कर पाए। संवाद
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शिकायत के अनुसार, रास्ते में दोनों ने कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया, मारपीट की और 15 लाख रुपये की मांग की। साथ ही, उनसे एटीएम कार्ड, पैसे और कार के कागजात भी छीन लिए गए। मामले में दो आरोपी कृष्ण सोलंकी उर्फ बिल्लू और विक्की थे। सुनवाई के दौरान बिल्लू की मौत हो गई, जिसके बाद उसके खिलाफ केस खत्म कर दिया गया। इसके बाद पूरे मामले की सुनवाई विक्की के खिलाफ चली। ट्रायल के दौरान कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए, लेकिन कुछ गवाह अपने पहले दिए गए बयान से मुकर गए। पुलिस और अन्य गवाह भी आरोपों को पुख्ता तरीके से साबित नहीं कर पाए। संवाद
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