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आज से नया कानून : शादी का झांसा देकर संबंध बनाना, पत्नी से जबरदस्ती करना अब दुष्कर्म नहीं; लगेगी ये धारा

Mon, 01 Jul 2024 05:21 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 01 Jul 2024 05:21 AM IST
सार

दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के लिए धारा, 63, 64 और 70 में प्रावधान किया गया है। दुष्कर्म के लिए धारा 63, दुष्कर्म की सजा को धारा 64 और सामूहिक दुष्कर्म के लिए धारा 70 में प्रावधान किया गया है। 

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According to new criminal law having physical relations on the pretext of marriage forcing wife is no longer r
शादी का झांसा देकर संबंध बनाना और पत्नी से जबरदस्ती करना अब दुष्कर्म नहीं - फोटो : iStock

विस्तार

एक जुलाई से लागू हो रहे नए कानून के तहत शादी का झांसा देकर किसी बालिग महिला से संबंध बनाना अब दुष्कर्म की श्रेणी से बाहर हो गया है। इसे अब बीएनएस की धारा-69 में अलग से अपराध बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि शादी का नौकरी का झांसा देकर कोई महिला से संबंध बनाता है तो वह दुष्कर्म नहीं होगा।

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हालांकि धारा 69 के तहत भी कड़े सजा के प्रावधान किए गए हैं। ऐसे आरोपों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल कैद या इससे कम की सजा हो सकती है। पहले इसको दुष्कर्म की धाराओं में माना जाता था। वहीं पत्नी से जबरदस्ती संबंध बनाना भी दुष्कर्म की श्रेणी से बाहर है। इस प्रावधान को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।

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दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के लिए धारा, 63, 64 और 70 में प्रावधान किया गया है। दुष्कर्म के लिए धारा 63, दुष्कर्म की सजा को धारा 64 और सामूहिक दुष्कर्म के लिए धारा 70 में प्रावधान किया गया है। यौन शोषण के लिए धारा 74 में परिभाषित किया गया है। नाबालिग से दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फांसी का प्रावधान है।

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वहीं धारा 77 में महिलाओं का पीछा करने को परिभाषित किया गया है। अप्राकृतिक यौनाचार को लेकर नए कानून में कोई स्थिति साफ नहीं है। सुप्रीम कोर्ट बालिगों द्वारा बनाए गए यौन संबंधों को पहले ही अपराध की श्रेणी से बाहर रख चुका है। महिलाओं के साथ अप्राकृति यौनाचार दुष्कर्म के दायरे में हैं। बालिग पुरुषों की मर्जी के खिलाफ अप्राकृतिक यौनाचार पर बिल में कोई प्रावधान नहीं है।

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