Delhi: हत्या और दंगे के मुकदमे में फरार अपराधी गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने रखा था 15 हजार का इनाम
आरोपी मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा था और हुलिया बदलकर छिपकर रह रहा था। दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 15,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया हुआ था।
विस्तार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने हत्या व दंगे के मुकदमे में वांछित अपराधी मंगोलपुरी निवासी शहजाद (33) को गिरफ्तार किया है। आरोपी मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा था और हुलिया बदलकर छिपकर रह रहा था। दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 15,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया हुआ था।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव के अनुसार फरदीन का हाथ मंगोलपुरी में निकलते समय सड़क पर नौ सितंबर, 22 को करण उर्फ बादशाह से टकराया गया था। करण उस समय अपने दोस्तों समीर उर्फ मुथु, शाहबीर, शाहरुख और अन्य लोगों के साथ वहां खड़ा था। कुछ समय बाद फरदीन वहां से चला गया। मामले को सुलझाने के लिए वह अपने भाई नईम के कहने पर अपने भाई मोंटी और अरमान के साथ करण उर्फ बादशाह से बात करने के लिए वापस आया। कुछ बात होने पर मामला बिगड़ा गया और करण उर्फ बादशाह और उसके दोस्तों ने फरदीन और उसके भाइयों को गाली देना शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में झगड़ा बढ़ गया। झगड़े में मारपीट होने लगी। करण और उसके दोस्तों ने फरदीन और उसके भाइयों पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू लगने से कई लोग घायल हो गए।
सभी घायलों को मंगोलपुरी के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां अरमान ने दम तोड़ दिया। मंगोलपुरी थाना पुलिस ने मामला दर्जकर आठ आरोपियों व तीन नाबालिग को पकड़ लिया था। आरोपी शहजाद फरार चल रहा था। न्यायालय ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस उसने उसकी गिरफ्तारी पर 15,000 रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर संदीप तुषीर की टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। इस टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी हरियाणा के मेवात के पिनांगवान गांव में छिपा हुआ है। इंस्पेक्टर संदीप तुषीर की देखरेख में एसआई संजीव गुप्ता व एएसआई परवीर की टीम ने गुप्त सुचना के आधार पर टीम ने तुरंत कार्यवाही करते हुए फरार शहजाद को गांव पिनांगवां, मेवात, हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया।
हुलिया बदलकर रह रहा था-
के-ब्लॉक, मंगोलपुरी, दिल्ली शहजाद ने खुलासा किया कि उसने अपने बच्चों को अपने सास-ससुर के पास छोड़ दिया था और वह कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए फरार चल रहा था। वह अपना हुलिया व ठिकाना बदल रहा था। शहजाद साइबर कैफे चलाता है। अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए वह बार-बार अपना पता बदल रहा था।