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स्टिंग से योगेंद्र को डसेगी अब आम आदमी पार्टी

Tue, 03 Mar 2015 01:19 PM IST
Updated Tue, 03 Mar 2015 01:19 PM IST
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AAP's sting is base for yogendra yadav and prashant bhushan's expelling from PAC

आम आदमी पार्टी में चल रही वर्चस्व की लड़ाई ने अब एक नया रूप ले लिया है। केजरीवाल खेमे ने योगेंद्र यादव के खिलाफ एक्शन लेने के लिए एक स्टिंग का सहारा लिया है। यह स्टिंग भी अब विवादों में आ गया है।

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बता दें कि आम आदमी पार्टी ने एक पत्रकार से फोन पर की गई बात को उसे बिना बताए रिकॉर्ड कर लिया था। उसी पत्रकार ने पार्टी के बारे में आलोचनात्मक लेख भी लिखा था।
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अब पार्टी ने उसी टेलीफोन की रिकॉर्ड की गई बात को योगेंद्र यादव के खिलाफ इस्तेमाल करके उनके खिलाफ कार्रवाई करने की ठानी है।

कब हुई रिकॉर्डिंग?

AAP's sting is base for yogendra yadav and prashant bhushan's expelling from PAC

अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार 29 अगस्त 2014 को बिभव कुमार जो अब सीएम केजरीवाल के व्यक्तिगत सहायक हैं ने चंदर सुता डोगरा को फोन किया।

उस वक्त चंदर अंग्रेजी अखबार द हिंदु के पत्रकार थीं, जो अब इंडियन एक्सप्रेस में एसोसिएट एडिटर हैं। बिभव ने 29 अगस्त को चंदर को द हिंदू में छपे उनके लेख 'फेडिंग प्रॉमिस ऑफ द इंडियन स्प्रिंग' के लिए फोन किया था।

चंदर का वह लेख पार्टी की पंजाब व हरियाणा में चुनाव न लड़ने की नीतियों को लेकर आलोचात्मक था। लेख के अनुसार आप की हरियाणा यूनिट जिसकी अगुवाई योगेंद्र यादव कर रहे थे, ने वहां पार्टी के लिए एक मजबूत संगठन बना लिया था।

यहां तक कि पार्टी के अधिकतर वॉलेंटियर हरियाणा में चुनाव लड़ने को लेकर बहुत उत्साहित थे, ल‌ेकिन केजरीवाल के चुनाव न लड़ने के फैसले के बाद उन्हें बहुत निराशा हुई।

किसने दी पत्रकार को जानकारी

AAP's sting is base for yogendra yadav and prashant bhushan's expelling from PAC

रिकॉर्डिंग के अनुसार बिभव ने चंदर को फोन किया और दावा किया कि उनके लेख में कुछ तथ्यात्मक गलतियां हैं। इस पर चंदर बोलीं कि उनका लेख आप के उस नेता के बयान पर आ‌धारित है जिसने उन्हें और चार अन्य पत्रकारों को अनौपचारिक रूप से सुबह के नाश्ते पर बुलाया था।

इसके बाद बिभव ने पूछा कि आप को किन्होंने बताया ये सब? इस पर चंदर बोलीं कि योगेंद्र यादव ने तीन या चार पत्रकारों को नाश्ते पर बैठक के लिए बुलाया था। अंग्रेजी अखबार की खबर के अनुसार बिभव को कई बार फोन किया गया पर इस पूरे रिकॉर्डिंग मामले पर उनका कोई जवाब नहीं मिला।

जब आप के प्रवक्ता दीपक वाजपेयी से पूछा गया कि आखिर ये रिकॉर्डिंग क्यों और किसके कहने पर की गई थी तो दीपक ने जवाब दिया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है और पार्टी के आंतरिक मामलों पर वह कुछ नहीं बोल सकते। सभी बातें 4 मार्च को होने वाली बैठक में तय होंगी।

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आ‌खिर क्यों की गई रिकॉर्डिंग?

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अखबार के अनुसार ये रिकॉर्डिंग 26 फरवरी को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी लाई गई थी। इस रिकॉर्डिंग का उल्लेख ‌दिल्ली के पार्टी सेक्रेटरी दिलीप पांडे के पत्र में भी मिलता है, जहां इसे पार्टी के खिलाफ हो रही गतिविधि के रूप में बताया गया है।

दिलीप पांडे ने अपने पत्र में लिखा है कि अगस्त 2014 में पार्टी के खिलाफ एक नकारात्मक लेख द हिंदू में छपा था। उस लेख को देखकर यह साफ कहा जा सकता है कि ये लेख पार्टी और उसके संयोजक की छवि को खराब करने के लिए लिखा गया है।

दिलीप ने आगे पत्र में आगे लिखा कि यह लेख न केवल तथ्यात्मक रूप से गलत है बल्कि पारस्परिक हित के लिए लिखा गया है। जब पत्रकार से पूछा गया तो उसने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि योगेंद्र यादव ने खुद उसे ये सब बताया है।

पांडे आगे लिखते हैं क‌ि पत्रकार से की गई पूरी बातचीत रिकॉर्डेड है और साक्ष्य के रूप में मौजूद है। इस पूरे प्रकरण से पता चलता है कि यह षड्यंत्र पार्टी को कमजोर करने के लिए रचा गया है।

'मुझे हर तरफ से ‌जिम्मेदार ठहराने की को‌शिश हो रही है'

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योगेंद्र यादव ने आज इंडियन एक्सप्रेस पर छपी खबर पर अपना पक्ष रखते हुए अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि ये खबर सार्वजनिक जीवन में एथिक्स की बात तो करती है पर यह एकतरफा है।

योगेंद्र यादव कहते हैं कि यह पत्रकार की बात को रिकॉर्ड करने की बात को सही तरीके से उठाता है। वह ये भी कहते हैं कि अखबार ने ये प्रश्न भी ठीक उठाया है कि इस तरह की रिकॉर्डिंग तो की गई और उसे सार्व‌जनिक भी कर दिया गया वो भी पार्टी के अंतः कलह को सुलझाने के लिए जो गलत है।

लेकिन योगेंद्र यहां अखबार की नीयत पर सवाल दागते हुए पूछते हैं कि आखिर क्यों इंडियन एक्सप्रेस ने पत्रकार की अव्यवहारिकता पर सवाल नहीं किया है। वह सवाल करते हैं कि आखिर पत्रकार ने नाश्ते के वक्त की गई अनौपचारिक बात को अपनी खबर बनाया? क्यों उसने अपने खबर का स्रोत बताया और उससे भी बुरा ये कि उसने इन सब में मुझे घसीटा?

योगेंद्र बोले कि उन्होंने कभी चंदर सुता को कोई ऐसी जानकारी नहीं दी है। योगेंद्र ने बोला कि चंदर सुता के साथ जो अन्य दो पत्रकार थे उन्होंने मेल करके ये बताया है कि चंदर सुता के लेख में वर्णित हरियाणा चुनाव के बारे में जो बातें लिखीं थीं वह उस बात उस नाश्ते पर हुई ही नहीं थी। योगेंद्र कहते हैं चूं‌कि मैं दोनों ही तरफ से जुड़ा हूं इसलिए मुझे ही नुकसान होना है।

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