आप के अप्रवासी भारतीयों ने दिखाए बागी तेवर
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आम आदमी पार्टी (आप) के सात समंदर पार के समर्थकों ने अब बगावती तेवर दिखाया है। पार्टी पर कथनी और करनी में फर्क होने का आरोप लगाते हुए अप्रवासी भारतीयों ने ‘हम सब लोकपाल’ अभियान चलाया है।
वहीं, अपनी मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए इन लोगों ने lokpal.us नाम से वेबसाइट भी बनाई है। अप्रवासी भारतीयों का दावा है कि इसके जरिये पार्टी के आम कार्यकर्ता दिल्ली सरकार और पार्टी के काम पर पैनी नजर रखेंगे।
दरअसल, 2013 के विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में विदेश में बसे भारतीयों ने आम आदमी पार्टी का समर्थन किया था। इसमें से कई लोग अपनी नौकरी व पेशा छोड़कर दिल्ली आए, जबकि कुछ लोगों ने अपनी नौकरी से लंबी छुट्टी भी ले रखी थी।
पार्टी को चंदा देने की मुहिम में भी अप्रवासी आगे रहे थे
इन लोगों ने पार्टी के पक्ष में प्रचार भी किया था। यहां तक कि अप्रवासियों ने दिल्ली के कई विधानसभा क्षेत्रों को गोद लेकर चुनाव का पूरा खर्च उठाया। पार्टी को चंदा देने की मुहिम में भी अप्रवासी आगे रहे।
अब अप्रवासियों का आरोप है कि सत्ता मिलते ही अरविंद केजरीवाल की सरकार के लिए अप्रवासी पराए होते गए। आप एनआरआई प्रकोष्ठ के सहसंयोजक शिकागो के डॉक्टर मुनीश रायजादा (अप्रवासी भारतीय) ने बताया कि चुनाव के वक्त हमने नई दिल्ली विधानसभा सीट को गोद लिया था।
यहां से खुद अरविंद केजरीवाल उम्मीदवार थे। इसके अलावा मालवीय नगर और ग्रेटर कैलाश सीट की कोर कमेटी का हिस्सा था। खुले मंचों से कई बार अरविंद केजरीवाल ने काम की तारीफ भी की थी।
हम नहीं चाहते कि पार्टी मूल्यों से भटके
वहीं, लंदन के प्रो. जयनाथ मिश्र (उम्र 79) का भी पूर्व कानून मंत्री जितेन्द्र तोमर के फर्जी डिग्री मामले से मोहभंग हुआ। दूसरी तरफ पार्टी का कहना है कि इस बारे में अभी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
अगर किसी को कोई शिकायत है तो वह पार्टी फोरम में अपनी बात रख सकता है। उनकी शिकायतों का निपटारा किया जाएगा। दोनों अप्रवासियों का कहना है कि हम सभी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रति आस्था रखते हैं।
हम नहीं चाहते कि पार्टी मूल्यों से भटके, इसलिए आंतरिक लोकपाल का गठन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा लोकपाल अप्रासंगिक है। मौजूदा लोकपाल राकेश सिन्हा पार्टी सदस्य हैं।
मेल से दी गई केजरीवाल को जानकारी
लिहाजा सिन्हा से निष्पक्ष राय की उम्मीद नहीं की जा सकती। अप्रवासी भारतीयों का कहना है कि लोगों को बड़ी उम्मीद थी, लेकिन पार्टी इसे पूरा करती नहीं दिखती।
अप्रवासी भारतीयों ने बताया कि मेल से इसकी जानकारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दे दी गई है, लेकिन अभी तक कहीं से कोई जवाब नहीं आया है।
फिलहाल उन्हें केजरीवाल में भरोसा है। उम्मीदन उनकी प्रतिक्रिया सकारात्मक रहेगी।