AAP विधायक ने केजरीवाल को दिया बड़ा झटका
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आम आदमी पार्टी के फायर ब्रांड विधायक राजेश गर्ग को विधायकी नहीं भा रही है। उनका कहना है कि एक आरटीआई कार्यकर्ता होने के नाते जितना सम्मान उन्हें मिलता था, उससे कम इज्जत विधायक बनने के बाद मिल रही है।
दिल्ली सचिवालय में उन्होंने साफ किया कि वह अब चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसकी जानकारी उन्होंने पार्टी नेतृत्व को दे दी है। उनकी मानें तो पैसे वाले लोग विधायक बनने के लिए टिकट की कतार में खड़े रहते हैं।
बृहस्पतिवार को रोहिणी से विधायक राजेश गर्ग अपने विधानसभा क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का प्रस्ताव लेकर शहरी विकास विभाग के अधिकारियों से मुलाकात करने दिल्ली सचिवालय आए थे। उन्होंने बताया कि पूरे रोहिणी को सीसीटीवी सर्विलांस में रखने की तैयारी है ताकि पारदर्शी काम हो सके।
अगर पारदर्शिता रहेगी तो विधायकों की जरूरत ही खत्म हो जाएगी। गर्ग ने कहा कि उपराज्यपाल ने अगस्त के दूसरे पखवाड़े में विधायक फंड से सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति दी है।
'जब चाहे सरकार बना सकती है भाजपा'
विधायक ने बताया कि उन्होंने पहले दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया था, अब एक करोड़ रुपये और बढ़ा दिए हैं। उन्होंने दावा किया स्थानीय जनता से पूछकर सीसीटीवी लगाने का फैसला लिया गया है।
दिल्ली में सरकार बनने की संभावना पर राजेश गर्ग ने कहा कि भाजपा जब चाहे सरकार बना सकती है। विधायकों की हालात ऐसी है कि जो भी सरकार बनाने के लिए खड़ा होगा और गुप्त मतदान की व्यवस्था होगी तो उसके पक्ष में 60 वोट भी पड़ सकते हैं।
उनकी मानें तो सरकार बननी होगी तो सितंबर अंत तक बन जाएगी, नहीं तो चुनाव ही अंतिम विकल्प है।
विधायक राजेश गर्ग ने कहा, मैं साफ कर दूं कि मैं किसी भी कीमत पर चुनाव नहीं लड़ूंगा। यह बात मैंने पार्टी के नेतृत्व को भी बता दी है। सिस्टम में चाहे कोई आ जाए, दोष हैं। जो अधिकारी आरटीआई कार्यकर्ता के नाते मुझे फोन करके पूछते थे, अब उनके पास जाकर मुझे इंतजार करना पड़ता है।
AAP ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पर लगाया आरोप
आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया है कि ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल दिल्ली में निजी बिजली वितरण कंपनियों की चल रही ऑडिट में रोकने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी ने इसकी निंदा की है। इस मसले पर आप ने भाजपा व केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
पार्टी के मुताबिक, ऊर्जा मंत्री सीएजी ऑडिट को बिजली वितरण कंपनियों के खाते की ऑडिट प्रक्रिया में बाहरी दखल बता रहे हैं। इतना ही नहीं, कंपनियों के छह साल पुराने खातों की ऑडिट पर रोक लगाने की भी वह सलाह दे रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि दिल्ली को लूटने वाली कंपनियों के प्रति उनका रवैया उदार है।
उधर, डीडीए उपाध्यक्ष बलविंद कुमार ने बुधवार को पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के साथ पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र स्थित संजय झील व पार्क का दौरा किया। इस दौरान सिसोदिया ने संजय झील से जुड़ी समस्याओं की जानकारी डीडीए उपाध्यक्ष को दी।
सिसोदिया ने बताया कि उनकी योजना संजय झील पार्क को बड़कल लेक और सोहणा लेक की तर्ज पर विकसित करने की उनकी योजना है। वहीं डीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि लोधी गार्डन की तर्ज पर संजय झील के लिए एक 25 सदस्यीय कमेटी बनाई जानी चाहिए जिस पर पार्क को विकसित करने की जिम्मेदारी होगी।