आप नेताओं का आरोप ये मोदी पुलिस का फॉर्मूला
राजेंद्र नगर इलाके में आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली प्रदेश संयोजक दिलीप पांडेय के साथ हुई घटना के मामले में पार्टी नेताओं ने बुधवार शाम उप राज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात की।
इस मौके पर आप नेता संजय सिंह, कुमार विश्वास दिलीप पांडेय, आशुतोष व दुर्गेश पाठक मौजूद थे। आप नेताओं ने उपराज्यपाल को शिकायत की एक कॉपी और मौके का वीडियो फुटेज भी सौंपा।
साथ ही निष्पक्ष जांच की मांग की। दिलीप पांडेय ने मुताबिक, उपराज्यपाल ने भरोसा दिलाया है कि वह इस मामले में पुलिस आयुक्त से मुलाकात करेंगे।
झूठी है ब्रेक फेल होने की थ्योरी
उपाज्यपाल को सौंपी गई शिकायत में दिलीप पांडेय ने मीनाक्षी हत्याकांड मामले की गलत एफआईआर के खिलाफ आनंद पर्वत इलाके में यूथ कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन, पुलिस के लाठीचार्ज, कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी व उनसे मुलाकात के लिए राजेंद्र नगर खुद को राजेंद्र नगर थाने जाने का सिलसिलेवार तरीके से जिक्र किया है।
इसके बाद उन्होंने पुलिस की नीली बस से कुचलने की कोशिश और कार्यकर्ताओं के धक्का देकर बचाने की बात कही है। साथ ही पुलिस की इस थ्योरी को झूठा बताया है कि ब्रेक फेल होने की वजह से बस आगे बढ़ी।
दिलीप पांडेय ने आगे लिखा है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं की जमकर पिटाई की। फिर, उल्टी आप कार्र्यकर्ताओं की शिकायत भी दे दी।
जनता में विश्वास का संकट
दिलीप पांडेय ने लिखा है कि आप इसी तरह की साजिशों का रोजाना शिकार हो रही है लेकिन इससे आप कार्यकर्ता भ्रष्टाचार व अत्याचार के खिलाफ चुप नहीं होगा।
इतना जरूर है कि इससे केंद्र सरकार के अधीन दिल्ली पुलिस और दिल्ली की जनता के बीच यकीन का संकट तेजी से बढ़ रहा है। शिकायत में उन्होंने उपराज्यपाल से सवाल किया है कि दिल्ली पुलिस की जवाबदेही किसके प्रति है।
केंद्र सरकार या दिल्ली की जनता की तरफ। आखिर में दिलीप पांडेय ने उपराज्यपाल से अपने ऊपर जानलेवा हमले का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
'मोदी ने विरोधियों को फर्जी एनकाउंटर में मरवाया'
संजय सिंह ने कहा कि भाजपा नेताओं को अपनी कार्यशैली बदलनी चाहिए। नरेंद्र मोदी का यही फार्मूला है। पहले गुजरात में मोदी की पुलिस अपने विरोधियों को झूठे मुकदमे में फंसाने, फर्जी एनकाउंटर, उनको मरवा देने का काम करती रही है।
अब दिल्ली की मोदी पुलिस यहां भी वही काम करना चाहती है। मंगलवार की घटना से आम आदमी पार्टी बेहद चिंतित है। इसके खिलाफ राष्ट्रपति, गृहमंत्री व प्रधानमंत्री से मुलाकात कर शिकायत की जाएगी।
साथ ही प्रमाण के तौर पर उन्हें वीडियो फुटेज भी सौंपा जाएगा। पार्टी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।