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Delhi NCR News: ई-20 पेट्रोल के विरोध में पीएम आवास तक मार्च करने जा रहे आप नेताओं को रोका
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- केजरीवाल 100 कार्यकर्ताओं के साथ शिकायत देने जा रहे थे, पुलिस ने 500 मीटर पहले लगाई बेरिकेडिंग
- सड़क पर ही अरविंद केजरीवाल धरने पर बैठे, 2 लाख ज्ञापन लेकर पुलिस ने धरना खत्म कराया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ई-20 पेट्रोल के विरोध में 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च करने के लिए अपने कार्यालय से निकले आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान केजरीवाल मौके पर ही समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए और पीएम से मिलाने की मांग की। सवा घंटे तक हंगामे के बाद पुलिस के पीएम कार्यालय तक उनकी शिकायतें पहुंचाने के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। आप नेताओं ने कहा कि आंदोलन आगे भी चलता रहेगा।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आम आदमी पार्टी मुख्यालय से दोपहर 12 बजे अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, मनीष सिसाैदिया 100 समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री आवास के लिए निकले। कार्यालय से करीब 500 मीटर दूर फिरोजशाह रोड पर बेरिकेडिंग के साथ पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने रोक दिया। इस पर केजरीवाल अन्य नेताओं और समर्थकों के साथ वहीं बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार ट्रंप के दबाव में अमेरिका से इथेनॉल खरीदकर देश पर थोपना बंद करे। उन्होंने कहा कि ई-20 वापस नहीं होने पर देश फिर एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएगा। पुलिस अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया कि ज्ञापन पीएमओ तक पहुंचाए जाएंगे।
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2,33,238 ज्ञापन देने का दावा
केजरीवाल ने दावा किया कि लोगों के 2,33,238 शिकायतें लेकर प्रधानमंत्री को देने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि एक माह पहले इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से चर्चा करने के लिए समय मांगा था, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने पीएम और सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वयं संसद में माना है कि गाड़ियों की माइलेज थोड़ी कम होती है। इंजन के रबड़ वाले पार्ट खराब होते हैं। फिर सरकार यह जबरदस्ती क्यों कर रही है।
पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित
केजरीवाल ने बताया कि ई-20 को वापस लेने के लिए पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर, गुजरात और गोवा में भी हमारे विधायक यह प्रस्ताव पेश करेंगे। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज जो 100 पीड़ित लोग आए, उन्होंने बड़ी हिम्मत दिखाई, क्योंकि आज के दौर में हिम्मत करना बहुत मुश्किल है।
संजय सिंह और मनीष सिसौदिया ने भी भरी हुंकार
आप नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने आरोप लगाया कि ट्रंप के दबाव में आकर पीएम अमेरिका से 22 हजार करोड़ रुपये का एथेनॉल खरीदने जा रहे हैं। वहीं, मनीष सिसोदिया ने कहा कि ई-20 का मसला देश के 30 करोड़ लोगों की गाड़ियों में ज़बरदस्ती इथेनॉल डलवाने का मसला है। करोड़ों लोग बता रहे हैं कि इससे उनकी गाड़ियों का नुकसान हो रहा है, माइलेज कम हो रही है, इंजन ख़राब हो रहा है और सर्विस के ख़र्चे बढ़ गए हैं।
प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन में की मांग
प्रदर्शन के दौरान दिए गए ज्ञापन में फ्यूल स्टेशनों पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 के बीच चयन करने का विकल्प मांगा गया। इसके अलावा ई-20 की कीमत कम करने की मांग की गई।
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- सड़क पर ही अरविंद केजरीवाल धरने पर बैठे, 2 लाख ज्ञापन लेकर पुलिस ने धरना खत्म कराया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ई-20 पेट्रोल के विरोध में 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च करने के लिए अपने कार्यालय से निकले आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान केजरीवाल मौके पर ही समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए और पीएम से मिलाने की मांग की। सवा घंटे तक हंगामे के बाद पुलिस के पीएम कार्यालय तक उनकी शिकायतें पहुंचाने के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। आप नेताओं ने कहा कि आंदोलन आगे भी चलता रहेगा।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आम आदमी पार्टी मुख्यालय से दोपहर 12 बजे अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, मनीष सिसाैदिया 100 समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री आवास के लिए निकले। कार्यालय से करीब 500 मीटर दूर फिरोजशाह रोड पर बेरिकेडिंग के साथ पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने रोक दिया। इस पर केजरीवाल अन्य नेताओं और समर्थकों के साथ वहीं बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार ट्रंप के दबाव में अमेरिका से इथेनॉल खरीदकर देश पर थोपना बंद करे। उन्होंने कहा कि ई-20 वापस नहीं होने पर देश फिर एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएगा। पुलिस अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया कि ज्ञापन पीएमओ तक पहुंचाए जाएंगे।
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2,33,238 ज्ञापन देने का दावा
केजरीवाल ने दावा किया कि लोगों के 2,33,238 शिकायतें लेकर प्रधानमंत्री को देने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि एक माह पहले इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से चर्चा करने के लिए समय मांगा था, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने पीएम और सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वयं संसद में माना है कि गाड़ियों की माइलेज थोड़ी कम होती है। इंजन के रबड़ वाले पार्ट खराब होते हैं। फिर सरकार यह जबरदस्ती क्यों कर रही है।
पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित
केजरीवाल ने बताया कि ई-20 को वापस लेने के लिए पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर, गुजरात और गोवा में भी हमारे विधायक यह प्रस्ताव पेश करेंगे। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज जो 100 पीड़ित लोग आए, उन्होंने बड़ी हिम्मत दिखाई, क्योंकि आज के दौर में हिम्मत करना बहुत मुश्किल है।
संजय सिंह और मनीष सिसौदिया ने भी भरी हुंकार
आप नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने आरोप लगाया कि ट्रंप के दबाव में आकर पीएम अमेरिका से 22 हजार करोड़ रुपये का एथेनॉल खरीदने जा रहे हैं। वहीं, मनीष सिसोदिया ने कहा कि ई-20 का मसला देश के 30 करोड़ लोगों की गाड़ियों में ज़बरदस्ती इथेनॉल डलवाने का मसला है। करोड़ों लोग बता रहे हैं कि इससे उनकी गाड़ियों का नुकसान हो रहा है, माइलेज कम हो रही है, इंजन ख़राब हो रहा है और सर्विस के ख़र्चे बढ़ गए हैं।
प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन में की मांग
प्रदर्शन के दौरान दिए गए ज्ञापन में फ्यूल स्टेशनों पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 के बीच चयन करने का विकल्प मांगा गया। इसके अलावा ई-20 की कीमत कम करने की मांग की गई।