जानिए योगेंद्र यादव के नेता बनने की पूरी कहानी
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दिल्ली में हुई उठापटक के बीच आम आदमी पार्टी ने मिशन 2014 के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची घोषित कर दी है।
इस सूची में शामिल 20 उम्मीदवारों में गुड़गांव लोकसभा से योगेंद्र यादव को प्रत्याशी बनाया गया है।
दिल्ली में सत्तासीन होने के बाद आम आदमी पार्टी ने प्रदेश में अपनी पैठ जमाने के लिए योगेंद्र यादव को सक्रिय कर दिया था।
योगेंद्र ने भी टिकट के लिए इंटरव्यू दिया था
योगेंद्र यादव को गुड़गांव से प्रत्याशी बनाने के लिए पार्टी की प्रत्याशी चयन की पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है।
इसके लिए सोनीपत में प्रदेश में पार्टी के प्रवक्ता राजीव गोदारा और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मोहम्मद रमजान बाकायदा उनका साक्षात्कार भी लिया।
इससे पूर्व लोकसभा क्षेत्र में शामिल गुड़गांव, रेवाड़ी और मेवात के कार्यकर्त्ताओं ने भी लिखित रूप में अपनी राय देकर उन्हें यहां से प्रत्याशी बनाने की मांग की थी।
केजरीवाल के साथ मिलकर गठित की पार्टी
योगेंद्र यादव जिला रेवाड़ी के गांव सहारनवास के मूल निवासी हैं। राजनीतिक शास्त्र में एम.फिल योगेंद्र वरिष्ठ चुनाव विशलेषक हैं और यूजीसी के सदस्य भी रहे हैं।
वर्ष 2001 में उन्होंने अपने पिता प्रो. देवेंद्र सिंह के साथ मिलकर संपूर्ण क्रांति मंच के साथ जुड़कर काम किया। 1995 से 2005 तक लोकनीति नेटवर्क के संस्थापक संयोजक रहे। 2011 में देश में भ्रष्टाचार निरोधी आंदोलन से जुड़े।
इसी दौरान अरंविद केजरीवाल के साथ मिलकर आम आदमी पार्टी का गठन किया। योगेंद्र आप की 25 सदस्यीय कोर कमेटी के वरिष्ठ सदस्य हैं।
यहां कांग्रेस नहीं खेलेगी यादव कार्ड!
योगेंद्र यादव को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद कांग्रेस गुड़गांव सीट पर गैर यादव उम्मीदवार का कार्ड खेल सकती है। यहां नूह के विधायक आफताब अहमद के नाम पर पहले की सुगबुगाहट शुरू हो गई, जो अब और तेज होती दिख रही है।
हालांकि कांग्रेस के पैनल में यहां से आफताब के अलावा महेंद्रगढ़ के विधायक राव दान सिंह और कप्तान अजय सिंह यादव के बेटे एवं युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष चिरंजीव राव का नाम भी शामिल है।
दूसरी ओर भाजपा के पास यादव कार्ड के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।