'हम टीएमसी के साथ': सौरभ भारद्वाज ने सांसदों से की मुलाकात, मंदिर मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे
टीएमसी सांसदों को हिरासत में लेने के मामले में डीसीपी देवेश कुमार ने कहा कि बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन करने के लिए हिरासत में लिया गया। लेकिन बाद में सभी को दिर मार्ग पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया।
विस्तार
#WATCH | Delhi: On the TMC delegation being detained by Delhi Police, Deputy Commissioner of Police, Devesh Kumar Mahla says, "Yesterday they (TMC delegation) were detained for carrying out an unpermitted protest. They were taken to the Mandir Marg Police Station but were later… pic.twitter.com/ZivE0BpcPk
— ANI (@ANI) April 9, 2024विज्ञापन
टीएमसी प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर डीसीपी देवेश कुमार महला ने कहा कि कल उन्हें बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन करने के लिए हिरासत में लिया गया था। उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया। लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया।
#WATCH | Delhi: Visuals of TMC delegation from the Mandir Marg Police Station.
We have relieved them. We have told them to go, but TMC leaders themselves did not go: Delhi Police https://t.co/moPT2geTBl pic.twitter.com/1HJNh54QbA — ANI (@ANI) April 9, 2024
जानें क्या बोले सौरभ भारद्वाज
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने बातचीत के दौरान कहा कि देश में आदर्श आचार सहिंता लागू है। सभी एजेंसियों और सरकारी कामकाज को तटस्थ चुनाव आयोग के तहत आना चाहिए। लेकिन जिस तरह से विपक्षी नेताओं पर ईडी और एनआईए की छापेमारी चल रही है। ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार इस लोकसभा चुनाव में विपक्ष को चुप कराना चाहती है।
#WATCH | Delhi Minister and AAP leader Saurabh Bharadwaj arrives at Mandir Marg police station to meet TMC leaders
— ANI (@ANI) April 9, 2024
"MCC is implemented in the country. All agencies and government functioning should come under neutral EC, but the way ED & NIA raids are being done on opposition… pic.twitter.com/11EKpUcuTh
आगे कहा कि विपक्ष के सांसदों को एक पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिया गया। उनकी मांग है कि ईडी, सीबीआई, आईटी और एनआईए- ने तांडव किया है। उनके प्रमुखों को बदला जाना चाहिए। भाजपा ने प्रदर्शन किया। पुलिस आयुक्त को अनुमति किसने दी। क्या उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए था। क्या वीरेंद्र सचदेवा के खिलाफ मामला दर्ज नहीं होना चाहिएा। हम तृणमूल कांग्रेस के साथ खड़े हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं के धरने को चुनावी हथकंडा करार दिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी संदेशखली मामले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को बचाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग के प्रमुखों को बदलने की मांग के साथ चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे टीएमसी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था।