फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   AAP govt replies to some queries of election Commission, asked time for the rest

21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर दिल्ली सरकार नहीं दे पाई चुनाव आयोग को पूरा जवाब

Thu, 21 Jul 2016 10:21 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 21 Jul 2016 10:21 AM IST
विज्ञापन
AAP govt replies to some queries of election Commission, asked time for the rest
kejriwal
दिल्ली सरकार द्वारा 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति के मामले में चुनाव आयोग ने अपने सवालों की सूची सरकार को जारी करते हुए जो जवाब मांगे थे सरकार ने उनमें से कुछ का ही जवाब दे पाई है।
विज्ञापन


अपने जवाब में दिल्ली सरकार ने कहा है कि संसदीय सचिवों की नियुक्ति के समय सरकार ने उन्हें कोई दायित्व नहीं सौंपा था। चूंकि ये सभी संसदीय सचिव सीधे किसी न किसी मंत्री को जवाबदेह थे ऐसे में उन्हें काम देने की जिम्मेदारी भी इन्हीं मंत्रियों की ही थी।
विज्ञापन


बता दें कि चुनाव आयोग में शिकायत के बाद दिल्ली सरकार ने 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति से संबंधित सभी कागजात चुनाव आयोग को सौंपे थे। दिल्ली सरकार ने अपने 21 विधायकों को संसदीय सचिव नियुक्त करते हुए उन्हें विभिन्न विभागों के मंत्रियों से संबंद्घ किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार ने नहीं दिया पूरा जवाब

AAP govt replies to some queries of election Commission, asked time for the rest
भारतीय निर्वाचन आयोग

चुनाव आयोग ने सरकार से इन संसदीय सचिवों को अपना काम निपटाने के लिए दिए जाने वाले ऑफिस सहित अन्य सुविधाओं की भी जानकारी मांगी थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बारे में संबंधित विभागों के मंत्रियों से जानकारी मांगी गई है।

हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन संसदीय सचिवों को सरकार की ओर से कोई वाहन, यात्रा भत्ता, ड्राइवर की सुविधा नहीं दी गई है। साथ ही इन्हें आवास, फोन या कैंप ऑफिस जैसी कोई सुविधा भी सरकार की ओर से प्रदान नहीं की गई थी।

इन संसदीय सचिवों को दी गई जिम्मेदारी की जानकारी के संबंध में सरकार ने चुनाव आयोग को स्पष्ट किया है कि इसकी सूचना संबंधित मंत्रालयों से मांगी गई है। जानकारी मिलते ही इस बारे में चुनाव आयोग को अवगत कराया जाएगा।

राष्ट्रपति ने ठुकराया था बिल

AAP govt replies to some queries of election Commission, asked time for the rest
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी - फोटो : PTI
मालूम हो कि चुनाव आयोग में इन 21 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की याचिका दी गई है जिसमें शिकायत की गई है कि इन्हें नियमों के खिलाफ जाते हुए संसदीय सचिव जैसे लाभ के पद नियुक्त किया गया है।

बता दें‌ कि राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने दिल्ली सरकार के उस बिल को वापस कर दिया था जिसमें संसदीय सचिव के पद को लाभ के पद की श्रेणी से बाहर रखने की सिफारिश की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed