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AAP सरकार ने की GST ई-वे बिल टालने की मांग, जानें क्यों
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 17 Dec 2017 07:27 PM IST
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आम आदमी पार्टी ट्रेड विंग ने जीएसटी काउंसिल की ओर से प्रस्तावित ई वे बिल को फिलहाल टालने की मांग उठाई है। आप व्यापारी नेताओं का कहना है कि व्यापारी अभी जीएसटी लागू होने के बाद से संभल नहीं पाए हैं।
इसके आने से परेशानी और बढ़ जाएगी। बताते चलें कि जीएसटी काउंसिल ई वे बिल का ट्रायल 16 जनवरी से शुरू कर रही है। एक जून 2018 इंट्रा स्टेट ई वे बिल का पंजीकरण शुरू हो जाएगा।
ई वे बिल के तहत 50,000 से ज्यादा मूल्य का सामान एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने से पहले इंटर स्टेट ई वे बिल ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा, जबकि एक ही राज्य के अंदर वस्तुओं को ट्रांसपोर्ट करने के लिए इंट्रा स्टेट ई वे बिल पंजीकरण कराना पड़ेगा।
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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया पहले ही जीएसटी काउंसिल की बैठक में विरोध जता चुके है। शनिवार को ट्वीट करके भी विरोध जताया है। आम आदमी पार्टी ट्रेड विंग के संयोजक बृजेश गोयल के मुताबिक फिलहाल व्यापारी जीएसटी की कम्प्लाएंस और तकनीकी समस्याओं में ही उलझे हैं।
उन पर अलग से ई वे बिल का बोझ डालना उचित नहीं है। इसलिए ई वे बिल को टालकर फिलहाल इसको लागू नहीं किया जाना चाहिए। ट्रेड विंग के अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने कहा कि इसके लागू होने से व्यापारियों को दोहरी मार पड़ेगी। इसके अलावा प्रस्तावित ई वे बिल में कई खामियां हैं इसलिए व्यापारियों से सलाह मशविरा करके इसका सरलीकरण किया जाना चाहिए।
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इसके आने से परेशानी और बढ़ जाएगी। बताते चलें कि जीएसटी काउंसिल ई वे बिल का ट्रायल 16 जनवरी से शुरू कर रही है। एक जून 2018 इंट्रा स्टेट ई वे बिल का पंजीकरण शुरू हो जाएगा।
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ई वे बिल के तहत 50,000 से ज्यादा मूल्य का सामान एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने से पहले इंटर स्टेट ई वे बिल ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा, जबकि एक ही राज्य के अंदर वस्तुओं को ट्रांसपोर्ट करने के लिए इंट्रा स्टेट ई वे बिल पंजीकरण कराना पड़ेगा।
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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया पहले ही जीएसटी काउंसिल की बैठक में विरोध जता चुके है। शनिवार को ट्वीट करके भी विरोध जताया है। आम आदमी पार्टी ट्रेड विंग के संयोजक बृजेश गोयल के मुताबिक फिलहाल व्यापारी जीएसटी की कम्प्लाएंस और तकनीकी समस्याओं में ही उलझे हैं।
उन पर अलग से ई वे बिल का बोझ डालना उचित नहीं है। इसलिए ई वे बिल को टालकर फिलहाल इसको लागू नहीं किया जाना चाहिए। ट्रेड विंग के अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने कहा कि इसके लागू होने से व्यापारियों को दोहरी मार पड़ेगी। इसके अलावा प्रस्तावित ई वे बिल में कई खामियां हैं इसलिए व्यापारियों से सलाह मशविरा करके इसका सरलीकरण किया जाना चाहिए।