फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   aap government to face these challenges in third year

केजरीवाल सरकार ने पूरे किए दो साल, तीसरे साल की ये हैं बड़ी चुनौतियां

Mon, 13 Feb 2017 01:26 PM IST
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 13 Feb 2017 01:26 PM IST
विज्ञापन
aap government to face these challenges in third year
आप सरकार की तीसरे साल की चुनौत‌ियां - फोटो : अमर उजाला

आप सरकार ने दो साल पूरे किए तो अब तीसरे साल की चुनौतियां और अवसर सामने हैं। कई ऐसे मुद्दे हैं ज‌ो अगर सुलझ जाएं तो वो आप सरकार के चुनौतीपूर्ण और अवसर वाले भविष्य का निर्धारण करेंगे।

विज्ञापन


मालूम हो क‌ि उच्चतम न्यायालय में उपराज्यपाल व चुनी हुई सरकार में शक्तिशाली कौन पर सुनवाई चल रही है जिसका परिणाम आप सरकार के चुनौतीपूर्ण और अवसर वाले भविष्य का निर्धारण करेगा।
विज्ञापन


तो अप्रैल, 2017 में तीनों एमसीडी के चुनाव हैं जिसका परिणाम केंद्र और एमसीडी के साथ टकराव को और बढ़ाएगा या फिर एक जगह की लड़ाई खत्म होगी, इसका निर्धारण होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिना विभाग वाले मुख्यमंत्री का पार्टी विस्तार का एजेंडा बढ़ाने के बीच दिल्ली में विकास व अन्य काम को उपमुख्यमंत्री के लिए कराना भी चुनौतीपूर्ण ही रहेगा। आप सरकार ने भ्रष्टाचार, फर्जी डिग्री और सेक्स सीडी कांड में तीन मंत्री हटाए।

aap government to face these challenges in third year
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल - फोटो : file photo

शुरुआत में दो मंत्री का विकल्प जल्द ढूंढ लिया लेकिन अब तीसरे मंत्री की सीट छठे महीने में भी खाली चल रही है। तीसरे साल में दलित मंत्री की जगह दलित, महिला और सिख को मौका देने की चुनौती भी रहेगी।

अभी केजरीवाल के पास कोई मंत्रालय नहीं है तो उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन पर विभागों का बोझ है जिसे हल्का करना भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

आप सरकार केंद्र के साथ लगातार केंद्रीय करों में भागीदारी बढ़ाने की लड़ाई लड़ रही है लेकिन एमसीडी में चौथे वित्त आयोग के हिसाब से कर हिस्सेदारी नहीं दे रही है। तर्क है कि आयोग की रिपोर्ट में केंद्र के लिए जो कहा गया है, उसे पूरा करें।

पांचवां वित्त आयोग गठित कर दिया गया है। ऐसे में आप के साथ एमसीडी के परिणाम उसकी वित्तीय स्थिति पर बहुत प्रभाव डालेंगे। सब कुछ एमसीडी चुनाव में जीतने वाली पार्टी पर निर्भर करेगा।

आप सरकार की ये भी हैं चुनौतियां

aap government to face these challenges in third year
aap - फोटो : अमर उजाला
-सरकारी स्कूलों में संसाधन जुटाने के साथ-साथ शिक्षकों की भर्ती करके खाली कक्षाओं में पढ़ाई शुरू कराना, सीसीटीवी लगाकर ई मॉनिटरिंग करना।
-सरकारी अस्पतालों में पर्ची पर लिखी गई सभी दवाएं उपलब्ध कराना, लंबी कतार को दूर करने के लिए शुरू मोहल्ला क्लीनिक में विश्वास बढ़ाना।
-राशन कार्ड की सीमित संख्या के बीच जरूरतमंदों के नाम शामिल करना, सभी राशन दुकानों पर बॉयोमैट्रिक सिस्टम लगाकर दिक्कतें दूर करना।
-मेगा बजट रखकर उसका उपयोग करने, राजस्व वसूली में बिना बल प्रयोग के लक्ष्य को हासिल करके संसाधन जुटाना।
-सिग्नेचर ब्रिज को पूरा करके पर्यटन शुरू कराना और मेट्रो फेज-चार में केंद्रीय करों में हिस्सेदारी समेत अन्य मसलों का निपटारा व डीटीसी में नई बसों की खरीद करना।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed