संजीव के समर्थन में ‘आप’ की मिस्ड कॉल मुहिम
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दिल्ली के एम्स के मुख्य सतर्कता अधिकारी रहे संजीव चतुर्वेदी के पक्ष में आम आदमी पार्टी मिस्ड काल मुहिम शुरू कर रही है। पार्टी का आरोप है कि गलत इरादों से एनडीए सरकार ने चतुर्वेदी का अधिकार छीना है। पार्टी ने इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से इस्तीफा भी मांगा है। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने खुद ट्वीट कर भाजपा पर आरोप लगाए हैं।
पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रशांत भूषण, मनीष सिसोदिया और दिलीप पांडेय ने बृहस्पतिवार को इस मामले में मीडिया से बात की। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथनी और करनी में बड़ा फर्क है। पहले दिल्ली की एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकार कम किए गए और अब देश के ईमानदार अधिकारियों में शुमार संजीव चतुर्वेदी को हटा दिया गया।
दूसरी तरफ प्रशांत भूषण ने बताया कि चतुर्वेदी, की ईमानदारी से परेशान होकर हरियाणा की हुड्डा सरकार ने पांच साल में बारह बार तबादला किया था। इसके बाद तत्कालीन यूपीए सरकार ने 2012 में चार साल के लिए प्रतिनियुक्ति पर चतुर्वेदी को एम्स का मुख्य सतर्कता अधिकारी नियुक्त किया।
'संजीव को बचाना चाहते हैं तो इस नंबर पर दें मिसकॉल'
पद संभालते ही चतुर्वेदी ने एम्स में चल रहे भ्रष्टाचार की पोल खोलनी शुरू की। इसमें कई अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें से एक हिमाचल प्रदेश कॉडर के आईएएस विनीत चौधरी भी शामिल हैं। प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में फिलहाल सहायक मुख्य सचिव के पद पर तैनात चौधरी की नजदीकी भाजपा महासचिव जेपी नड्डा से है।
यही वजह रही कि 2013 में नड्डा ने चतुर्वेदी को हटाने के लिए तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद को चिट्ठी लिखी थी। लेकिन पीएमओ के दखल से चतुर्वेदी को नहीं हटाया जा सका। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार यूपीए से एक कदम आगे बढ़ गई। बगैर कोई वजह बताए चतुर्वेदी का हटा दिया गया।
दूसरी तरफ दिलीप पांडेय ने कहा कि उनकी पार्टी एनडीए सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध करेगी। पार्टी की ओर से 08088331113 नंबर जारी कर आम लोग इस पर मिस्ड काल कर चतुर्वेदी का समर्थन करने की अपील की गई है। पांडेय ने कहा कि पार्टी सोशल मीडिया पर भी सरकार के फैसले के खिलाफ मुहिम छेड़ेगी।
एम्स से सीवीओ का पद खत्म करने की तैयारी
संजीव चतुर्वेदी एम्स के पहले मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) बने थे और शायद वही अंतिम सीवीओ भी साबित होंगे। दरअसल, एम्स प्रशासन सीवीओ के पद को खत्म करने पर विचार कर रहा है। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीवीओ का कार्य उप निदेशक, प्रशासन (डीडीए) को सौंप दिया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2012 के पहले भी सीवीओ का पद डीडीए के पास ही होता था। बताते चलें की एम्स का बजट करोड़ों रुपये में है और एम्स के विस्तार के लिए मंत्रालय की ओर से हजारों करोड़ की राशि आवंटित की जाती है। हरियाणा के झज्जर में भी एम्स के विस्तार के लिए काम हो रहा है।
विकास कार्य की जिम्मेदारी एम्स के डीडीए पर होती है। ऐसे में जिस अधिकारी के हस्ताक्षर से राशि खर्च होती है उसी पर इसके सही तरीके से इस्तेमाल की जांच की जिम्मेदारी होने पर सवाल उठाए गए थे। जिसके बाद एम्स की गवर्निंग बॉडी और इंस्टीट्यूट बॉडी की बैठक बुलाई गई।
संजीव ने ली अनिश्चितकालीन छुट्टी
एम्स चेयरमैन की अध्यक्षता में हुई उस बैठक के बाद सीवीओ का अलग पद सृजित किया गया था। जिसके बाद संजीव चतुर्वेदी को संस्थान का पहला सीवीओ नियुक्त किया गया था। एम्स के सूत्रों का कहना है सीवीओ का काम उप निदेशक प्रशासन को दोबारा सौंपा जाएगा। ऐसा करने के लिए पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
पद से हटाए जाने के बाद संजीव चतुर्वेदी ने अनिश्चितकाल के लिए छुट्टी पर जाने की अर्जी थी। बृहस्पतिवार को उनकी उनकी अर्जी स्वीकार कर ली गई। वे छुट्टी से कब लौटेंगे इसकी जानकारी नहीं लग पाई है।