होली में इस बार भी चीन की पिचकारियों की धमक है। पूरा सदर बाजार, कुतुब रोड, चांदनी चौक चीनी पिचकारी और रंगों से अटा है।वहीं, दुकानदारों का दावा है कि इन चीनी पिचकारियों को देसी पिचकारी खूब टक्कर दे रहे हैं। देखने में खूबसूरत और खराब नहीं होने के दावे के साथ लोकल प्रोडक्ट डटे हुए हैं।
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रंगों, मुखौटों और गुलाल से अटे दिल्ली के बाजार, चीनी पिचकारियों पर भारी देसी पिचकारी
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 25 Feb 2018 10:42 AM IST
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holi
पिचकारी गन की है धूम
एक ऐसी पिचकारी जिसकी आवाज गन जैसी है, लेकिन इसमें रंग निकलता है। इस तरह के आकर्षित करने वाले प्रोडक्ट बाजार में मौजूद हैं। इनमें रॉकेट लांचर, मिसाइल, मशीन गन, बटर फ्लाई गन, मूविंग गन शामिल हैं। बता दें कि यहां राकेट लांचर से बारूद नहीं निकलते है। मिसाइलों की तरह आवाज होती है लेकिन रंगों के फुहारें निकलतें हैं जो दूर तक भिगोने की ताकत रखते हैं।
म्यूजिकल पिचकारी भी है बाजार में
म्यूजिकल पिचकारी जिसका नाम पिंक डॉली पंप है। इससे पानी के साथ ही रंग बरसे गाने के धुन भी निकलती है। इसकी कीमत थोक में दो सौ रुपये है। बच्चे इसे काफी पसंद कर रहे है। मोदी करंसी, डोरीमोन, त्रिशूल, तलवार-कटार और खुकरी की शक्ल में भी पिचकारी बाजारों में मौजूद हैं।
एक ऐसी पिचकारी जिसकी आवाज गन जैसी है, लेकिन इसमें रंग निकलता है। इस तरह के आकर्षित करने वाले प्रोडक्ट बाजार में मौजूद हैं। इनमें रॉकेट लांचर, मिसाइल, मशीन गन, बटर फ्लाई गन, मूविंग गन शामिल हैं। बता दें कि यहां राकेट लांचर से बारूद नहीं निकलते है। मिसाइलों की तरह आवाज होती है लेकिन रंगों के फुहारें निकलतें हैं जो दूर तक भिगोने की ताकत रखते हैं।
म्यूजिकल पिचकारी भी है बाजार में
म्यूजिकल पिचकारी जिसका नाम पिंक डॉली पंप है। इससे पानी के साथ ही रंग बरसे गाने के धुन भी निकलती है। इसकी कीमत थोक में दो सौ रुपये है। बच्चे इसे काफी पसंद कर रहे है। मोदी करंसी, डोरीमोन, त्रिशूल, तलवार-कटार और खुकरी की शक्ल में भी पिचकारी बाजारों में मौजूद हैं।
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गुलाल निकालती पिचकारी
पानी वाली पिचकारियों का आपने खूब इस्तेमाल किया होगा। लेकिन इस बार ऐसी पिचकारी बाजार में आई है जिसमें से रंग नहीं गुलाल निकलता है। थोक में इसकी कीमत दो सौ रुपये है।
गुब्बारे भी आकर्षण का केंद्र
दिल्ली में गुब्बारे मारकर होली खेलने का जबरदस्त चलन है। बाजार में अब ऐसे भी गुब्बारे है जिन्हें नलके में लगाने पर एक साथ सौ गुब्बारों में पानी भर जाता है। इस गुब्बारे को बांधने की भी जरूरत नहीं है। थोक बाजार में 30 रुपये प्रति पैकेट इस तरह के पानी वाले गुब्बारे मिले रहे है।
पानी वाली पिचकारियों का आपने खूब इस्तेमाल किया होगा। लेकिन इस बार ऐसी पिचकारी बाजार में आई है जिसमें से रंग नहीं गुलाल निकलता है। थोक में इसकी कीमत दो सौ रुपये है।
गुब्बारे भी आकर्षण का केंद्र
दिल्ली में गुब्बारे मारकर होली खेलने का जबरदस्त चलन है। बाजार में अब ऐसे भी गुब्बारे है जिन्हें नलके में लगाने पर एक साथ सौ गुब्बारों में पानी भर जाता है। इस गुब्बारे को बांधने की भी जरूरत नहीं है। थोक बाजार में 30 रुपये प्रति पैकेट इस तरह के पानी वाले गुब्बारे मिले रहे है।